newspatnaबिहार

बिहार पुलिस में तिलक विवाद गरमाया, DGP के आदेश पर आई सफाई

बिहार में पुलिसकर्मियों के पहनावे को लेकर हाल ही में जारी एक निर्देश ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। ड्यूटी के दौरान वर्दी के साथ तिलक या अन्य धार्मिक चिह्नों के इस्तेमाल पर रोक की बात सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज हो गई। अब इस पूरे मामले पर पुलिस मुख्यालय ने स्थिति साफ कर दी है।

दरअसल, बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने हाल ही में निर्देश दिया था कि ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी माथे पर तिलक, चंदन या किसी भी तरह के धार्मिक चिन्ह का इस्तेमाल नहीं करेगा। इसे लेकर कई नेताओं ने सवाल उठाए और इसे तुष्टिकरण से जोड़कर आलोचना भी की गई।

विवाद बढ़ने के बाद पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से लागू प्रावधानों की ही याद दिलाई गई है। बिहार पुलिस हैंडबुक 1978 के नियम 1061 के तहत पहले से ही वर्दी के साथ किसी भी प्रकार के धार्मिक या जातीय चिन्ह के प्रदर्शन पर रोक है।

मुख्यालय के अनुसार, पुलिसकर्मियों के लिए वर्दी से जुड़े कई नियम तय हैं। इनमें ड्यूटी के दौरान बिना वर्दी रहना, वर्दी पहनकर धूम्रपान या पान खाना, या आभूषण को वर्दी के बाहर दिखाना प्रतिबंधित है। साथ ही, ट्रैफिक ड्यूटी में छाता रखने और बिना आदेश के वर्दी में बाहर जाने जैसे नियम भी लागू हैं।

इस बीच भाजपा के कुछ नेताओं ने इस निर्देश का विरोध करते हुए इसे गलत बताया। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ ने इसे अनुशासन का हिस्सा माना, तो कुछ ने सवाल उठाया कि क्या तिलक से ईमानदारी या कामकाज पर असर पड़ता है।

इसी के साथ पुलिस विभाग ने यह भी साफ कर दिया है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासनहीनता बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वर्दी में रील बनाने वाले करीब 50 पुलिसकर्मियों को पहले ही चिन्हित कर कार्रवाई की जा चुकी है।

कुल मिलाकर, पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि यह मामला नए आदेश का नहीं, बल्कि पहले से लागू नियमों के पालन का है।

Related Articles

Back to top button