
पटना। बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में हुए दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना में 13 मासूम बच्चों की अकाल मृत्यु से उपजे भारी शोक की लहर के बीच, सूबे की सियासत भी अब पूरी तरह से गरमा गई है। मंगलवार की रात दिल्ली में रहते हुए इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख जताने वाले बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव बुधवार को दिल्ली से पटना लौट आए। पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कदम रखते ही तेजस्वी यादव बिना कोई समय गंवाए सीधे अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर के लिए रवाना हो गए, ताकि वे इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों के आंसू पोंछ सकें और उन्हें ढांढस बंधा सकें।पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव के चेहरे पर हादसे का गहरा दुख और व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश साफ झलक रहा था। उन्होंने सूबे की एनडीए सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा कर दिया। घटना को महज एक हादसा मानने से इनकार करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने इसे ‘गंभीर प्रशासनिक लापरवाही’ करार दिया। उन्होंने तीखे सवाल दागते हुए कहा कि प्रशासन यह स्पष्ट करे कि आखिर रात के अंधेरे में नाव का संचालन कैसे और किसकी अनुमति से हो रहा था? इस घोर लापरवाही के लिए आखिर जवाबदेह कौन है और किसकी शह पर नियमों को ताक पर रखा गया?
अस्पतालों की बदहाली पर उठाया सवाल, आर्थिक मदद का ऐलान
प्रशासनिक खामियों की ओर इशारा करते हुए तेजस्वी यादव ने अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर भी गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे के बाद जब मासूमों को अस्पताल ले जाया गया, तो वहां जीवन रक्षक सुविधाओं और पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था का घोर अभाव था। तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी (राष्ट्रीय जनता दल) इस विपदा की भारी घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।नेता प्रतिपक्ष ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि हादसे में अपने जिगर के टुकड़ों को खोने वाले पीड़ित परिजनों को उनकी पार्टी की ओर से उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने राज्य सरकार से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। तेजस्वी ने दो टूक लहजे में कहा कि इस लापरवाही के लिए जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
‘वोट चोरी’ के खिलाफ बजेगा बिगुल
राघोपुर हादसे के अलावा तेजस्वी यादव ने ‘वोट चोरी’ और जनादेश के अपमान का मुद्दा उठाते हुए सत्ता पक्ष को कड़ी चेतावनी दी। नेता प्रतिपक्ष ने हुंकार भरते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन की आगामी अहम बैठक में इस गंभीर मुद्दे पर गहन मंथन किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके विरोध में एक बड़े और निर्णायक जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी जो केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में इसके खिलाफ बिगुल फूंका जाएगा।
सत्ता पक्ष के आरोपों पर करारा पलटवार
सत्ता पक्ष की ओर से अक्सर तेजस्वी यादव पर यह आरोप लगाया जाता रहा है कि संकट की घड़ी में वे गायब रहते हैं। इस सियासी हमले पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने इन आरोपों को पूरी तरह से ‘फालतू और बेबुनियाद बातें’ करार दिया और सिरे से खारिज कर दिया। कुल मिलाकर, राघोपुर हादसे ने सरकार की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और तेजस्वी के तेवर बता रहे हैं कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को बख्शने के मूड में नहीं है।



