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बिहार में खाद्य सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, अब गांवों तक पहुंचेगी मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन

बिहार में मिलावटी खाद्य पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग एक नई पहल करने जा रहा है। अब मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की सुविधा सिर्फ पटना शहर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे चरणबद्ध तरीके से सभी अनुमंडलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य लोगों को मौके पर ही खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच की सुविधा देना और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना है।

विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन की संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह सुविधा पहुंच सके। ग्रामीण इलाकों के निवासी भी अब बिना किसी शुल्क के दूध, तेल, मसाले, मिठाइयों और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों की प्रारंभिक जांच करा सकेंगे।

यह पूरी व्यवस्था भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना, मिलावटखोरी पर नजर रखना और उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाना है।

मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए विभाग विशेष रोस्टर तैयार करेगा। निर्धारित कार्यक्रम के तहत टीम अलग-अलग अनुमंडलों, प्रखंडों, थाना क्षेत्रों और ग्रामीण बाजारों में पहुंचेगी। इस दौरान न केवल खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी, बल्कि आम लोगों और दुकानदारों को स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा मानकों और मिलावट से बचाव के तरीकों की भी जानकारी दी जाएगी।

विभाग ने साफ किया है कि यदि जांच के दौरान किसी खाद्य पदार्थ में मिलावट या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति या कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा। विभाग की टीम लोगों को यह भी बताएगी कि घर पर मिलावट की पहचान कैसे की जा सकती है, सुरक्षित खाद्य पदार्थ खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम क्या हैं। इससे उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ेगी और मिलावट के खिलाफ सामाजिक स्तर पर भी सतर्कता मजबूत होगी।

मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन में आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिनकी मदद से दूध, खाद्य तेल, मसाले, फल, सब्जियां, मिठाइयों सहित कई खाद्य एवं पेय पदार्थों की मौके पर ही प्रारंभिक जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद संबंधित व्यक्ति को तुरंत प्रारंभिक रिपोर्ट भी उपलब्ध कराई जाएगी। यदि किसी नमूने में गंभीर गड़बड़ी या मिलावट की आशंका होगी, तो उसे विस्तृत परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।

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