
पटना। बिहार में विकास और सुशासन की राजनीति को एक नया आयाम देने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जनता दल (यूनाइटेड) ने एक वृहद कार्ययोजना तैयार की है। आगामी 24 नवंबर 2026 को पूरे राज्य में जिला स्तर पर ‘सुशासन दिवस : नीतीश संवाद’ कार्यक्रम का भव्य और ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। इस बहुप्रतीक्षित और अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सफल संचालन, समन्वय और रूपरेखा तय करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी बिहार सरकार की कद्दावर मंत्री और धमदाहा से विधायक लेशी सिंह को सौंपी गई है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने आधिकारिक तौर पर अधिसूचना जारी कर उन्हें इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम का प्रदेश संयोजक मनोनीत किया है।पार्टी द्वारा जारी इस अधिसूचना के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस राज्यव्यापी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले दो दशकों में बिहार में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों, ‘न्याय के साथ विकास’ के मूल मंत्र और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को आम जनता तक सीधे तौर पर पहुंचाना है। पार्टी का मानना है कि विपक्ष के किसी भी दुष्प्रचार का जवाब केवल विकास के ठोस आंकड़ों और सुशासन के अचूक मॉडल से ही दिया जा सकता है। इसके जरिए महिला सशक्तिकरण, सात निश्चय योजना, हर घर नल का जल, कृषि रोड मैप, शिक्षा सुधार और सुदृढ़ कानून व्यवस्था जैसी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का व्यापक प्रसार किया जाएगा, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी सरकार की नीतियों से भली-भांति अवगत हो सके।
जदयू ने तेज की जनसंपर्क अभियान की तैयारी
मंत्री लेशी सिंह को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने को पूर्णिया और पूरे सीमांचल क्षेत्र की राजनीति के लिहाज से एक बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। धमदाहा विधानसभा क्षेत्र का लगातार प्रतिनिधित्व करने वाली लेशी सिंह की संगठन पर मजबूत पकड़ और जनता के बीच उनकी व्यापक स्वीकार्यता को देखते हुए ही पार्टी आलाकमान ने उन पर यह अहम भरोसा जताया है। प्रदेश स्तर की यह जिम्मेदारी मिलने से पूर्णिया जिले को संगठनात्मक रूप से राज्य की राजनीति में एक विशेष और प्रभावशाली स्थान प्राप्त हुआ है। अब उनके नेतृत्व में ही प्रदेश से लेकर जिला और प्रखंड स्तर तक इस कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा तैयार की जाएगी और आपसी समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस बड़ी घोषणा के बाद से ही पूरे सीमांचल सहित राज्य भर के जदयू कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं और समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।24 नवंबर को आयोजित होने वाले इस ‘नीतीश संवाद’ को लेकर जदयू संगठन ने अभी से अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर तेज कर दी हैं। लेशी सिंह के संयोजन में सभी जिलों के जिलाध्यक्षों, प्रमंडलीय प्रभारियों और पार्टी के वरीय नेताओं के साथ संपर्क स्थापित कर कमेटियों का गठन किया जा रहा है। पार्टी का लक्ष्य है कि इस संवाद कार्यक्रम में हर वर्ग, धर्म और समुदाय के लोगों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ‘सुशासन दिवस : नीतीश संवाद’ केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह जदयू के आगामी राजनीतिक अभियानों का एक महत्वपूर्ण शंखनाद है। इसके माध्यम से पार्टी अपने कैडर को पूरी तरह से सक्रिय करने और आम मतदाताओं के साथ सीधा, जीवंत संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है। सरकार के सुशासन और निरंतर विकास के संदेश को हर जिले, हर प्रखंड और हर गांव की चौपाल तक ले जाने की यह कवायद निश्चित रूप से बिहार की राजनीति में एक नया सकारात्मक विमर्श खड़ा करेगी। अब सभी की निगाहें 24 नवंबर की तारीख पर टिकी हैं, जब मंत्री लेशी सिंह के कुशल नेतृत्व में जदयू अपनी संगठनात्मक ताकत का यह भव्य प्रदर्शन करेगा।



