
बिहार के गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू करने की प्रक्रिया अब शुरू होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 नवंबर को दोनों चीनी मिलों के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बिहार में 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम शुरू कर दिया है।
बुधवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने कहा कि राज्य सरकार चीनी उद्योग को दोबारा मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि नई चीनी मिलों की स्थापना और वर्षों से बंद मिलों के पुनर्जीवन से गन्ना किसानों को अपनी फसल का बेहतर बाजार मिलेगा, उनकी आमदनी बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सकरी और रैयाम चीनी मिलों का शिलान्यास होने के बाद अगले एक से दो वर्षों के भीतर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार गन्ना उत्पादन बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है। किसानों को अधिक क्षेत्र में गन्ने की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि मिलों को पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध हो सके।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के ‘सात निश्चय-3’ के तहत चलाए जा रहे ‘समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार’ अभियान में राज्य में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद पड़ी पुरानी मिलों को दोबारा चालू करने का फैसला लिया गया है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से बिहार का चीनी उद्योग फिर से रफ्तार पकड़ेगा, किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। साथ ही रोजगार के अवसर बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।



