newspatnarajniti

जर्जर बताकर आम जनता के लिए बंद किए गए पुल पर दौड़ा मंत्री का काफिला

बिहार। अगर कोई पुल इतना खतरनाक है कि आम आदमी उस पर चल नहीं सकता, तो फिर उसी पुल पर मंत्रियों का पूरा काफिला कैसे फर्राटे से दौड़ सकता है? समस्तीपुर में जर्जर घोषित कर बंद किए गए पुल से पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार का काफिला गुजरने के बाद यह सवाल चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की इस दोहरी नीति को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है।समस्तीपुर शहर के जिस पुल पर ‘मरम्मत कार्य’ का बोर्ड लगाकर आम जनता का प्रवेश महीनों से बंद कर दिया गया था, उसे अचानक वीआईपी कॉरिडोर में तब्दील कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों द्वारा बैरिकेड हटाकर रास्ता साफ किया गया और मंत्री समेत डेढ़ दर्जन से अधिक सरकारी वाहनों का काफिला पुल से आराम से गुजर गया। वहीं, आम लोग यह व्यवस्था देखकर हैरान रह गए।रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित, खर्च हो रहा समय और ईंधनपुल बंद होने के कारण शहर के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाइक सवारों को एसडीओ कार्यालय से चीनी मिल चौक तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर से ज्यादा का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं, चारपहिया वाहनों को छह से सात किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहा है। समय पर कार्यालय, बाजार, अस्पताल या अन्य जरूरी कार्यों के लिए आना-जाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।पुल का जायजा लेने पहुंचे पथ निर्माण मंत्री पुल पर उतरे, लेकिन चंद कदम चलने के बाद वापस अपनी गाड़ी में सवार हो गए। इसके बाद उनका काफिला तेज रफ्तार में पुल पार कर गया।

भारी भरकम काफिले के पुल से गुजरने के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा कि जब पुल इतने वाहनों का वजन सह सकता है, तो आम लोगों को इस रास्ते से गुजरने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है।जल्द मरम्मत का आश्वासननिरीक्षण के बाद पथ निर्माण विभाग के मंत्री शैलेन्द्र कुमार ने स्पष्ट किया कि पुल की मरम्मत की मांग काफी दिनों से लंबित थी, जिस पर अब कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही मरम्मत कार्य पूरा कर पुल को आम लोगों के आवागमन के लिए सुरक्षित रूप से खोल दिया जाएगा।

Related Articles

Back to top button