
पटना। बिहार की सियासत में चुनावी सरगर्मी और जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने ‘जन सुराज’ के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) पर करारा राजनीतिक हमला बोला है। गिरिराज सिंह ने पीके पर अपना राजनीतिक स्वार्थ साधने के लिए जनता के बीच झूठा और भ्रामक नैरेटिव गढ़ने का गंभीर आरोप लगाया है।सोशल मीडिया पर जारी एक ताज़ा वीडियो संदेश में केंद्रीय मंत्री ने प्रशांत किशोर के विकास मॉडल पर सीधा तंज कसते हुए पूछा कि आखिर वह ‘बांकीपुर को बेंगलुरु’ कब बनाने जा रहे हैं? गिरिराज ने आरोप लगाया कि बांकीपुर की जनता को आधे-अधूरे तथ्यों और बनावटी बातों के जाल में फंसाकर गुमराह करने की कोशिश की गई है। अपने चिर-परिचित अंदाज में गिरिराज सिंह ने स्पष्ट किया, “हवा-हवाई और मनगढ़ंत बातें बनाना बहुत आसान है, लेकिन धरातल पर उन बड़े-बड़े दावों को साबित करने के लिए ठोस सबूत देना सबसे कठिन कार्य होता है।
केंद्रीय मंत्री ने नसीहत देते हुए कहा कि राजनीति हमेशा तथ्यों और सच्चाई की ठोस बुनियाद पर होनी चाहिए, न कि महज अफवाहों और भ्रम का बाजार गर्म करके। उन्होंने इस दौरान सूबे की जनता से भी एक विशेष अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के दावों पर आंख मूंदकर विश्वास करने से बचें और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और प्रमाणों की भली-भांति जांच अवश्य कर लें। विदित हो कि बांकीपुर उपचुनाव और बिहार की तेजी से बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच गिरिराज सिंह का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। प्रशांत किशोर लगातार अपने बयानों और अभियानों के जरिए राज्य के स्थापित दलों पर निशाना साध रहे हैं, जिसके पलटवार में अब सत्ता पक्ष के कद्दावर नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तीखे वार-पलटवार के बाद राज्य की सियासत में एक नए घमासान की शुरुआत हो गई है।



