
मोतिहारी। किसानों को खाद के लिए परेशान करने और कालाबाजारी रोकने में विफल रहने पर कृषि विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) के जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें मुख्यालय (पटना) में योगदान करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासनिक फेरबदल करते हुए सहायक निदेशक (शस्य) मृणाल शास्त्री को मोतिहारी डीएओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।इससे पूर्व, मोतिहारी के संयुक्त कृषि भवन में कृषि निदेशक मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में उर्वरक वितरण को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मिली शिकायतों के आधार पर अधिकारियों की संयुक्त टीम और उड़नदस्ता दल ने जिले के विभिन्न उर्वरक एवं बीज प्रतिष्ठानों पर सघन छापेमारी की।
इस कार्रवाई में खाद की जमाखोरी और निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने के आरोप में छह उर्वरक प्रतिष्ठानों तथा एक बीज व कीटनाशी विक्रेता का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, अनियमितता के संदेह में कई अन्य दुकानदारों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। किसानों के हित से नहीं होगा कोई समझौता: कृषि मंत्री कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने दोटूक कहा है कि सरकार किसानों के हितों के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को जिले में नियमित और सघन छापेमारी अभियान जारी रखने के सख्त निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को तय मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके। मंत्री ने चेतावनी दी है कि उर्वरक वितरण में गड़बड़ी करने वाले, जमाखोरी करने वाले और अधिक मूल्य वसूलने वाले व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।



