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सीएम के साथ वायरल तस्वीर पर भाई वीरेंद्र की सफाई, बोले- विकास के लिए मुख्यमंत्री से मिलना गुनाह नहीं

पटना। राज्य ब्यूरो, पटना: राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के भीतर चल रहे अंदरूनी घमासान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र की एक तस्वीर ने बिहार के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस तस्वीर में भाई वीरेंद्र सूबे के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। तस्वीर के सामने आने के बाद उठ रहे सवालों और विरोधियों के निशानों पर भाई वीरेंद्र ने खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट की है और इसे विरोधियों की साजिश करार दिया है।’तस्वीर पुरानी है, अब मैंने बाल छिलवा लिए हैं’वायरल हो रही तस्वीर की सत्यता और उसके समय पर सफाई देते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि यह तस्वीर लगभग पौने दो महीने पुरानी है। उन्होंने प्रमाण देते हुए कहा कि वायरल तस्वीर में उनके सिर पर बाल नजर आ रहे हैं, जबकि वर्तमान में उन्होंने अपने बाल छिलवा लिए हैं। दोनों में अंतर खुद देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि रोहतास में किसी परिचित की बहन की शादी थी, जहां कुछ अन्य रिश्तेदार भी मौजूद थे, यह वहीं का वाकया है।विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए आरजेडी विधायक ने सवाल लहजे में पूछा कि ऐसी पुरानी तस्वीर को वायरल कर वे क्या साबित करना चाहते हैं? उन्होंने दो टूक कहा, “सम्राट चौधरी बिहार के मुख्यमंत्री हैं और मैं एक चुना हुआ विधायक हूँ।

क्या कोई विधायक अपने क्षेत्र के विकास के लिए मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकता?” उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनके दल के कई अन्य नेता भी विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के साथ बैठक करते हैं, ऐसे में इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। गौरतलब है कि भाई वीरेंद्र की यह तस्वीर ऐसे समय में चर्चा का विषय बनी है, जब उन्होंने हाल ही में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के कुछ करीबी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने उन नेताओं पर तेजस्वी यादव के नाम पर पैसों की वसूली करने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस खुली बगावत के बाद, आरजेडी के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने सख्त कदम उठाते हुए पार्टी के सभी प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था और जल्द नई टीम के गठन का ऐलान किया था। जब मीडियाकर्मियों ने भाई वीरेंद्र से आरजेडी के भीतर हो रहे इन बड़े संगठनात्मक बदलावों को लेकर सवाल किया, तो वे बिना कोई प्रतिक्रिया दिए वहां से निकल गए। उनकी यह चुप्पी भी राजनीतिक हलकों में कई संकेत दे रही है।

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