
पटना। सावन की दूसरी सोमवारी पर उत्तर वाहिनी गंगा तट सुल्तानगंज में आस्था का एक ऐसा अद्भुत और विहंगम नजारा देखने को मिला, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की ओर प्रस्थान कर रहे लाखों कांवड़िया श्रद्धालुओं के स्वागत में पहली बार आसमान से फूलों की बारिश की गई। हेलिकॉप्टर ने जैसे ही कांवड़िया पथ के ऊपर उड़ान भरनी शुरू की, वैसे ही शिवभक्तों पर पुष्प वर्षा होने लगी। इस ऐतिहासिक स्वागत से पूरा सुल्तानगंज मानो शिवभक्ति के रंग में पूरी तरह सराबोर नजर आया।105 किलोमीटर की यात्रा के लिए दोगुना हुआ उत्साहनीचे कांधे पर कांवड़, हाथों में पवित्र गंगाजल और जुबां पर ‘बोल बम’ का जयघोष… वहीं ऊपर आसमान से बरसते फूल। नमामि गंगे घाट से लेकर ऐतिहासिक अजगैबीनाथ मंदिर और कच्ची कांवड़िया पथ के असरगंज इलाके तक हेलिकॉप्टर से कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की गई। करीब 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा कर बाबा बैद्यनाथ को जल अर्पण करने देवघर जा रहे शिवभक्तों के लिए यह पल बेहद खास रहा।
फूलों की बारिश होते ही कांवड़ियों में गजब का उत्साह देखने को मिला और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा डीएम और एसएसपी ने लिया मेला क्षेत्र का जायजासावन की दूसरी सोमवारी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच प्रशासन की ओर से की गई इस खास व्यवस्था ने श्रावणी मेले की भव्यता में चार चांद लगा दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी भी चाक-चौबंद दिखी। जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसएसपी ने स्वयं अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। आला अधिकारियों ने कांवड़िया पथ, गंगा घाटों की स्थिति और भीड़ प्रबंधन का निरीक्षण किया तथा श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मातहत अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।प्रशासन की यह अनूठी पहल और कांवड़ियों का उत्साह एक-दूसरे के पूरक नजर आए। आस्था, भक्ति और स्वागत का यह अनोखा संगम कांवड़ियों के लिए यादगार बन गया है। कांधे पर कांवड़ लेकर देवघर की ओर बढ़ते शिवभक्त और आसमान से बरसते फूलों की यह तस्वीर यकीनन लंबे समय तक लोगों के जेहन में ताजा रहेगी।



