
बिहार में छात्र आंदोलन थमता नजर नहीं आ रहा है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में शुक्रवार को भी छात्रों के प्रदर्शन की संभावना जताई जा रही है। संयोग से आज बिहार विधानसभा के मानसून सत्र का अंतिम दिन भी है, ऐसे में प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। दूसरी ओर छात्र संगठनों ने 25 जुलाई को बिहार बंद का आह्वान किया है।
पटना में लोकभवन मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज, छात्रों की गिरफ्तारी और दर्ज मुकदमों के विरोध में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) ने बिहार बंद की घोषणा की है। दोनों संगठनों ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से बंद को सफल बनाने की अपील की है।
आइसा ने 22 जुलाई को ‘ब्लैक डे’ घोषित करते हुए 23 और 24 जुलाई को पूरे राज्य में ‘प्रतिरोध दिवस’ मनाने का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि पुलिस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र घायल हुए हैं। राज्य अध्यक्ष धनंजय ने कहा कि आंदोलन अब और तेज किया जाएगा।
इससे पहले गुरुवार को भी पटना के खगौल समेत कई स्थानों पर छात्रों ने मार्च निकालकर NEET पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
इधर, 22 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में बिहार पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है।
सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर 117 संदिग्धों की तस्वीरें जारी की गई हैं। उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
संभावित विरोध प्रदर्शनों और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय ने बड़ा फैसला लिया है।
24 जुलाई 2026 से राज्यभर के पुलिस अधिकारियों और कर्मियों की सभी छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी गई हैं। केवल विशेष परिस्थितियों में ही अवकाश दिया जाएगा।



