
लगातार हो रही बारिश और बाढ़ के कारण पटना जिले के मोकामा विधानसभा क्षेत्र में जलजमाव की समस्या गंभीर होती जा रही है। कई गांवों और सड़कों पर पानी भर जाने से आम जनजीवन प्रभावित है। सबसे खराब स्थिति मोकामा प्रखंड के मरांची गांव की बताई जा रही है, जहां मुख्य सड़क का करीब 100 मीटर हिस्सा घुटनों तक पानी में डूबा हुआ है। इससे लोगों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है।
मरांची समेत आसपास के कई इलाकों में सड़कों पर जलभराव और कीचड़ ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मोकामा विधायक अनंत सिंह ने कहा, “पानी क्या हम पी जाएं? सरकार के पास पैसा नहीं है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी बहस तेज हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बरसात के दौरान उन्हें इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हालात लगातार बिगड़ते हैं। लोगों को उम्मीद थी कि जनप्रतिनिधि इस समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन विधायक के बयान से कई ग्रामीण खुद को निराश महसूस कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मरांची गांव की यह सड़क सिर्फ एक गांव ही नहीं, बल्कि आसपास की दो पंचायतों के हजारों लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। सड़क पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कई सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं और मजबूरी में लोगों को पानी के बीच होकर गुजरना पड़ता है। इससे दुर्घटना और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
विधायक के बयान के बाद विपक्षी दलों ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी केवल बयान देना नहीं, बल्कि समस्या का समाधान सुनिश्चित करना है। वहीं प्रशासन के सामने भी जलजमाव की समस्या से जल्द राहत दिलाने की चुनौती बनी हुई है।
मोकामा में बारिश और बाढ़ से बने हालात ने एक बार फिर इलाके की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब स्थानीय लोगों की निगाह प्रशासन और सरकार की ओर है कि इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक निकाला जाता है।



