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गंडक के उफान के बीच प्रशासन मुस्तैद: डीएम-एसपी ने पंगत में बैठकर खाया खाना, बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से परोसा भोजन

पटना। नेपाल के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर उफान पर है। नदी के बढ़ते जलस्तर से जिले के संग्रामपुर अंचल के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हालांकि, इस प्राकृतिक आपदा के बीच मोतिहारी जिला प्रशासन ने पूरी तरह से कमान संभाल ली है। प्रशासन की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने खुद मोर्चा संभालते हुए बाढ़ पीड़ितों को अपने हाथों से खाना परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन किया।मंगलवार को जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ सुमन यादव और आरक्षी अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात समेत नगर आयुक्त आशीष कुमार, अपर समाहर्ता और उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने भारी दल-बल के साथ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा किया। इस दौरान आलाधिकारियों का काफिला संग्रामपुर अंचल में बाढ़ प्रभावितों के लिए चलाई जा रही ‘सामुदायिक रसोई’ में पहुंचा। वहां का नजारा देख हर कोई उस वक्त सुखद आश्चर्य में पड़ गया, जब जिले के दोनों शीर्ष अधिकारी खुद अपने हाथों से बाढ़ पीड़ितों की थाली में भोजन परोसने लगे।

नेपाल में बारिश से गंडक का जलस्तर बढ़ा

अधिकारियों ने केवल भोजन ही नहीं परोसा, बल्कि वे खुद भी बाढ़ पीड़ितों के साथ पंगत में नीचे बैठ गए और वही खाना खाया जो आम लोगों के लिए बनाया गया था। अधिकारियों के इस आत्मीय और संवेदनशील व्यवहार ने अपना घर-बार छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे लोगों की आंखों में उम्मीद की चमक ला दी। आपदा की इस कठिन घड़ी में डीएम और एसपी को अपने बीच पाकर प्रभावित परिवारों के बीच सुरक्षा, सहयोग और भरोसे की भावना और भी मजबूत हुई है।सामुदायिक रसोई का जायजा लेते हुए डीएम सौरभ सुमन यादव ने संबंधित अंचल अधिकारी और अन्य कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भोजन की गुणवत्ता और रसोई घर की साफ-सफाई से किसी भी स्तर पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाढ़ की इस विभीषिका में कोई भी व्यक्ति, महिला या बच्चा भूखा न सोए और सभी को पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन मिल सके।

संग्रामपुर अंचल के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से सीधा संवाद कर उनकी तत्काल समस्याएं सुनीं और जरूरत के हिसाब से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का निर्देश दिया। सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाल रहे एसपी स्वर्ण प्रभात ने बाढ़ प्रभावित लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की भ्रामक सूचनाओं या अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन 24 घंटे उनकी सेवा में तत्पर हैं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।फिलहाल, गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए पूरा जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है और राहत व बचाव कार्यों की पल-पल की उच्चस्तरीय समीक्षा हो रही है। प्रशासन की इस त्वरित मुस्तैदी ने बाढ़ की मार झेल रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत दी है।

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