
देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की आदमकद प्रतिमा का रविवार को झाझा स्थित बोड़बा बस स्टैंड परिसर में भव्य अनावरण किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रतिमा का अनावरण करते हुए लौह पुरुष को नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरदार पटेल ने जिस अखंड भारत का सपना देखा था, उसे पूरी तरह से साकार करना और देश की एकता-अखंडता को मजबूत करना वर्तमान पीढ़ी और सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने भारतीय इतिहास को याद करते हुए कहा कि भारत को एकजुट करने का विचार कोई नया नहीं है। हजारों वर्ष पूर्व पंडित चाणक्य ने जिस सशक्त और एकीकृत भारत की कल्पना की थी, उसे सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने विस्तार दिया। इसी महान परंपरा को आधुनिक भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल ने आगे बढ़ाया। आजादी के बाद जब देश के सामने रियासतों को एक सूत्र में बांधने की सबसे बड़ी चुनौती थी, तब सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति के बल पर अखंड भारत की मजबूत नींव रखी।भविष्य के विजन पर चर्चा करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि आज देश और राज्य उसी अखंड भारत के विजन को आगे ले जा रहा है। उन्होंने कहा, “सरदार पटेल ने अखंड भारत का जो सपना देखा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस ‘विकसित भारत’ का संकल्प लिया है और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जिस ‘समृद्ध बिहार’ का सपना बुना है, उन सपनों को धरातल पर उतारना ही हमारी सरकार का मुख्य दायित्व है।”उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार जनता की जरूरतों को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। विकास की किरण समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की पहली प्राथमिकता है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर कई महत्वपूर्ण योजनाएं तेजी से धरातल पर उतारी जा रही हैं।



