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छाती पर चलाई गोलियां… छात्रों पर AK-47 से फायरिंग पर भड़के तेजस्वी, पूछा- किसके आदेश पर हुआ यह कांड?

पटना। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीवान में परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। छात्रों पर एके-47 से की गई फायरिंग पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा है कि आखिर किसके आदेश पर गोलियां चलाई गईं? इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर नाराजगी जताते हुए तेजस्वी ने स्पष्ट किया कि वे जल्द ही राज्यपाल से मिलकर सरकार की शिकायत करेंगे।मंगलवार को मीडिया से मुखातिब होते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सरकार और उसका गृह विभाग इस पूरे मामले पर मौन साधे हुए है और किसी भी सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है।’हवाई फायरिंग नहीं, छात्रों की छाती को बनाया गया निशाना’तेजस्वी यादव ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीवान में छात्रों पर कोई हवाई फायरिंग नहीं की गई थी, बल्कि निर्दोष छात्रों की छाती को निशाना बनाकर गोलियां चलाने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि इस अमानवीय कृत्य को लेकर उन्होंने पुलिस महानिदेशक (DGP) से मुलाकात की है और अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में वे इस मुद्दे को लेकर राजभवन जाएंगे और राज्यपाल के समक्ष पूरी स्थिति रखेंगे।नेता प्रतिपक्ष ने सीधे तौर पर राज्य के शीर्ष नेतृत्व और गृह विभाग से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों पर एके-47 तानने और गोली चलाने का निर्देश किस अधिकारी ने दिया था, यह अब तक स्पष्ट क्यों नहीं हो पाया है? सरकार पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि महज एक सिपाही को निलंबित करके मामले की इतिश्री नहीं की जा सकती। किसी छोटे कर्मचारी को बलि का बकरा बनाकर असल दोषियों को बचाया नहीं जा सकता।

पुलिसिया कार्रवाई के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की कवायद के तहत तेजस्वी ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को बिहार आने का न्योता दिया है। उन्होंने दोनों शीर्ष नेताओं से अनुरोध किया है कि वे बिहार की धरती पर आएं और पुलिस की गोलीबारी में घायल हुए छात्रों से मुलाकात करें। तेजस्वी ने जोर देकर कहा कि समूचा विपक्ष इस मामले में पूरी एकजुटता के साथ छात्रों की लड़ाई लड़ रहा है।छात्रों के मुद्दे के अलावा तेजस्वी ने राज्य के कर्मचारियों, शिक्षकों और सफाईकर्मियों के बकाए वेतन और पेंशन को लेकर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। संस्कृत, उर्दू और फारसी शिक्षकों के वेतन का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि जब भी विपक्ष कर्मचारियों के हक की बात करता है, सत्ता में बैठे लोग खजाना खाली होने का बहाना बना देते हैं। उन्होंने कहा कि सावन और त्योहारों के इस मौसम में भी सरकार के पास ठेकेदारों को देने, सफाईकर्मियों का बकाया चुकाने और कर्मचारियों को समय पर वेतन व पेंशन देने के लिए पैसे नहीं हैं, जिससे राज्य के कर्मचारियों की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है।

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