
पटना। संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के मुद्दे पर सियासी घमासान तेज हो गया है। बिहार और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने केंद्र व राज्य सरकारों पर सीधा और तीखा हमला बोला है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस के रवैये को अलोकतांत्रिक करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है।संसद परिसर में सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है। बिहार और बंगाल में लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे छात्रों पर एफआईआर दर्ज की जा रही हैं।प्रियंका ने कहा कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है (हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है) कि प्रदर्शन में शामिल छात्राओं के माता-पिता को फोन करके पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपनी बेटियों को वहां क्यों जाने दिया।
सरकार से सीधा सवाल करते हुए प्रियंका ने पूछा कि क्या देश की लड़कियों को अपनी आवाज उठाने का अधिकार नहीं है? उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “प्रदर्शन स्थल पर एके-47 जैसे हथियारों की आखिर क्या जरूरत थी? हमारे छात्र कोई आतंकवादी नहीं हैं, उनके साथ ऐसा बर्ताव कतई उचित नहीं है।” उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से देश के युवाओं में बहुत गलत संदेश जा रहा है।उधर, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सीधे निशाने पर लिया। राहुल ने इंटरनेट मीडिया (सोशल मीडिया) पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि बिहार में छात्रों के प्रदर्शन को दबाने के लिए उन पर एके-47 से गोली चलाई गई।
इसके अलावा सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि छात्रों की जायज आवाज सुनने के बजाय उनके खिलाफ दमनकारी नीति अपनाना पूरी तरह गलत है। देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की खामियों को लेकर सड़क पर उतरा है, इसलिए उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।नेता प्रतिपक्ष ने पुरजोर मांग की है कि प्रधानमंत्री इस पुलिसिया कार्रवाई के लिए देश के छात्रों से माफी मांगें और जिन अधिकारियों या लोगों ने छात्रों पर अकारण हमला किया है, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



