
अररिया जिले में हुए बहुचर्चित करोड़ों रुपये के मोबाइल चोरी मामले में पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने इस कांड में एक और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी निशानदेही पर 2050 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस पूरे नेक्सस के तार केवल बिहार ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा तक फैले हुए हैं। अब तक इस मामले में कुल 3487 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। एसपी जितेंद्र कुमार ने प्रेस वार्ता कर इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दी।एसपी ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के शेरगढ़ थाना क्षेत्र निवासी 33 वर्षीय अनीश को गिरफ्तार किया। अनीश की निशानदेही पर ही रियलमी और ओप्पो कंपनी के 2050 मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके साथ ही वाहन के सह-चालक तालीम को भी पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया है। दोनों आरोपितों को आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए न्यायालय भेजा जा रहा है।
घटना के संबंध में एसपी ने बताया कि वाहन (KA-02AJ-1157) के चालक व अन्य अज्ञात बदमाशों ने मोबाइल और एक्सेसरीज से लदा माल ट्रक से गायब कर दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश ट्रक को जीरो माइल स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए थे। मामले में अररिया थाना में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस सघन जांच कर रही थी।इस अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस पूर्व में हरियाणा, नई दिल्ली और उत्तर प्रदेश से अनवर, दीपक गुप्ता, शाहिल, कामिल उर्फ किम्मी और नईम समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। उनके पास से 1437 मोबाइल, एक लैपटॉप, 6.97 लाख रुपये नकद व घटना में प्रयुक्त 5 वाहन बरामद किए गए थे।इस बहुचर्चित कांड में अब तक कुल सात आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मामले के खुलासे और रिकवरी को लेकर एक्शन मोड में आए अधिकारियों व पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई से यह सफलता हाथ लगी है।
इस बड़ी कार्रवाई में अररिया थानाध्यक्ष मनीष रजक, पुलिस पदाधिकारी विकास कुमार, रामलखन चौधरी, टाइगर मोबाइल टीम, डीआईयू और एसटीएफ (एसओजी) पटना की अहम भूमिका रही। एसपी ने स्पष्ट किया कि गिरोह के अन्य फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया जाएगा।



