
पूर्वी चंपारण जिले के रघुनाथपुर थाना क्षेत्र में खाकी की भारी संवेदनहीनता और लापरवाही का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। सड़क हादसे में एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद पुलिस ने शव को एंबुलेंस या किसी सुरक्षित वाहन के बजाय ठेला (जुगाड़ गाड़ी) पर लादकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के इस अमानवीय कृत्य को लेकर लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कड़ा रुख अपनाया है। एसपी ने ड्यूटी में घोर लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने के आरोप में गश्ती पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, वहीं रघुनाथपुर थानाध्यक्ष को शो-कॉज (स्पष्टीकरण) नोटिस थमा दिया है।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, बीते 3 अक्टूबर को रघुनाथपुर बस स्टैंड के समीप एक भीषण सड़क हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही रघुनाथपुर थाना पुलिस की गश्ती टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। नियम और मानवीय संवेदनाओं के तहत पुलिस को शव को कब्जे में लेकर उसे सुरक्षित तरीके से एंबुलेंस या पुलिस वाहन के माध्यम से पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजना चाहिए था। लेकिन गश्ती टीम का नेतृत्व कर रहे पदाधिकारी अंबिका प्रसाद यादव ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने पास ही मौजूद एक ठेला (जुगाड़ गाड़ी) की व्यवस्था की और शव को उसी पर खुले में लादकर अस्पताल के लिए रवाना कर दिया।
सड़क पर फूटा लोगों का गुस्सा
किसी भी दुर्घटना के बाद मृतक के शव को ससम्मान अस्पताल पहुंचाना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। पुलिस के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देख मौके पर मौजूद मृतक के परिजन और स्थानीय लोग भड़क उठे। देखते ही देखते वहां भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। लोगों का साफ कहना था कि पुलिस ने न केवल मृतक का अपमान किया है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी तार-तार कर दिया है।
एसडीपीओ के हस्तक्षेप के बाद हुई कार्रवाई
मामले को तूल पकड़ता देख और हंगामे की सूचना पाकर सदर-1 एसडीपीओ तुरंत दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया और मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। एसडीपीओ की प्रारंभिक जांच में गश्ती पदाधिकारी की कार्यशैली में भारी लापरवाही की बात सच साबित हुई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसपी ने कड़ा एक्शन लेते हुए गश्ती पदाधिकारी अंबिका प्रसाद यादव को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही, इलाके में कानून-व्यवस्था और मातहतों पर नियंत्रण में कमी को लेकर थानाध्यक्ष से जवाब तलब किया गया है।एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से पूरे जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने यह कड़ा संदेश दिया है कि आम जनता की भावनाओं से खिलवाड़ और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही को विभाग कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।



