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बिहार कैबिनेट के 17 बड़े फैसलों पर लगी मुहर, विष्णुपद कॉरिडोर के लिए 2520 करोड़ मंजूर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने कुल 17 प्रस्तावों पर अपनी स्वीकृति दी। इनमें गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के कायाकल्प, सोन-फल्गु नदी जोड़ परियोजना, जलस्रोतों के संरक्षण और राज्य में हवाई संपर्क को मजबूत करने से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय शामिल हैं।सरकार ने गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने के लिए 2520 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी है।

विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में होंगे बड़े बदलाव

गया के प्रसिद्ध विष्णुपद मंदिर के आसपास के क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। प्रस्तावित परियोजना के तहत मंदिर परिसर के विकास के साथ मल्टीलेवल पार्किंग, एलीवेटेड पथ, घाट और डोरमेट्री का निर्माण किया जाएगा।इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए कैंटीन, पैदल पुल और अन्य जरूरी सार्वजनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस पूरी परियोजना को बिहार राज्य पथ विकास निगम के माध्यम से लागू किए जाने की योजना है।सरकार का उद्देश्य विष्णुपद क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आवागमन और सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

सोन का पानी पहुंचेगा फल्गु नदी तक

कैबिनेट ने सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना के लिए 996.05 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। के तहत सोन नदी के पानी को उत्तर कोयल नहर के जरिए फल्गु नदी तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे फल्गु नदी में पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।सरकार इस परियोजना को जल प्रबंधन के लिहाज से अहम मान रही है। इससे उपलब्ध जलस्रोतों के बेहतर इस्तेमाल के साथ संबंधित इलाकों को भी फायदा पहुंचने की संभावना है।

गाद से सड़क और भवन निर्माण में मिलेगा फायदा

बदलते मौसम और बारिश के असमान पैटर्न के बीच बिहार सरकार ने जलस्रोतों के संरक्षण को लेकर नई नीति को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 को हरी झंडी दी।इस नीति के तहत नदियों, बराजों और जलाशयों में जमा गाद को हटाकर उनकी जलधारण और जलवहन क्षमता को बेहतर किया जाएगा।जलस्रोतों से निकाली गई गाद का इस्तेमाल सड़क, रेलवे, सिंचाई परियोजनाओं, बाढ़ सुरक्षा कार्यों और भवन निर्माण में भराई के लिए किया जा सकेगा। इससे निर्माण कार्यों में उपजाऊ मिट्टी के इस्तेमाल को कम करने का प्रयास होगा।

आकांक्षी जिलों में बनेंगे हेलीपोर्ट

बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। राज्य सरकार ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी है।क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत नए हवाई मार्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा। कम यात्री वाले रूटों को शुरुआती दौर में संचालित करने में भी मदद मिलेगी।इसके साथ ही विभिन्न एयरपोर्ट का विकास चुनौती आधारित मॉडल के तहत करने और आकांक्षी जिलों में हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना है।

ईंट-भट्ठा कारोबारियों के लिए बकाया राशि में राहत

कैबिनेट बैठक में ईंट-भट्ठा कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी राहत का फैसला लिया गया। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2024-25 तक की बकाया राशि के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना को मंजूरी दी है।योजना के तहत नीलाम पत्र वाद में दर्ज बकाया राशि में ब्याज को छोड़कर मूल राशि जमा करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ लोक मांग बकाया नहीं माना जाएगा।राशि जमा होने के बाद नीलाम पत्र पदाधिकारी संबंधित मामलों का निपटारा कर सकेंगे। यह योजना तीन महीने तक लागू रहेगी। विभाग की ओर से जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी किए जाने की बात कही गई है।

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