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चपरासी का बेटा बना BPSC अफसर; पिता ने बेटे को पढ़ाने के लिए बेच दी थी जमीन, मनीष ने पूर्वी चंपारण का नाम किया रोशन

‘हौसलों के आगे कोई दीवार नहीं होती, और जब इरादे फौलादी हों, तो तंगहाली भी रास्ता छोड़ देती है।’ पूर्वी चंपारण जिले के लिए यह बेहद गर्व और ऐतिहासिक पल है। मोतिहारी डीडीसी (DDC) कार्यालय में परिचारी (चपरासी) के पद पर कार्यरत सुरेंद्र पासवान के पुत्र मनीष कुमार ने 70वीं बीपीएससी (BPSC) परीक्षा के अंतिम परिणाम में शानदार सफलता हासिल की है। मनीष का चयन श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (Labor Enforcement Officer) के पद पर हुआ है, जिससे पूरे जिले का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।मनीष कुमार की इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनके पिता सुरेंद्र पासवान का सालों का संघर्ष, अटूट त्याग और समर्पण छिपा है। सुरेंद्र पासवान ने भावुक होते हुए बताया कि सीमित वेतन में घर चलाना और बेटे को पढ़ाना एक बड़ी चुनौती थी।

उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई में कभी पैसों की कमी आड़े नहीं आने दी, इसके लिए उन्होंने अपनी जमीन तक बेच दी।उन्होंने कहा, “मैं हमेशा डीडीसी कार्यालय के बाहर बैठकर साहबों को आते-जाते देखता था और यही सपना बुनता था कि एक दिन मेरा बेटा भी इसी तरह अधिकारी बनकर इस दफ्तर में आएगा। आज भगवान ने मेरी सुन ली और मेरा वो सपना सच हो गया।”वहीं, नवचयनित अधिकारी मनीष कुमार ने अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और विशेषकर अपने पिता के संघर्षों को दिया है। मनीष ने बताया कि यह उनका चौथा प्रयास था। इससे पहले मिली लगातार तीन असफलताओं के बाद वे काफी निराश हो चुके थे, लेकिन उनके पिता ने कभी उनका मनोबल टूटने नहीं दिया।मनीष के मुताबिक, “हर असफलता के बाद पिताजी मेरी पीठ थपथपाते थे और हमेशा कहते थे कि हार नहीं माननी है बाबू, मेहनत करते रहो, अगली बार सफलता जरूर मिलेगी।”पिता के इसी प्रोत्साहन, विश्वास और हौसले ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और आज नतीजा सबके सामने है।

मनीष की इस शानदार उपलब्धि से उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। वहीं, सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक जिले के लोग मनीष की सफलता को संघर्ष, कड़ी मेहनत और लगन की एक बेमिसाल मिसाल बता रहे हैं।सीमित संसाधनों और आर्थिक तंगी के बावजूद बड़ी कामयाबी हासिल करने वाले मनीष कुमार की यह कहानी आज बिहार के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत बन गई है, जो अभावों के बीच भी बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला रखते हैं।

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