
विधानसभा के विशेष सत्र में सियासी गर्मी अपने चरम पर थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लगातार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साध रहे थे। लेकिन इसी बीच एक ऐसा लम्हा आया, जिसने पूरे माहौल को अचानक हल्का कर दिया।
शपथ से जुड़ी एक बात का जिक्र करते हुए तेजस्वी यादव की जुबान फिसल गई और उन्होंने ‘स्लिप ऑफ टंग’ की जगह ‘टंग ऑफ स्लिप’ कह दिया। बस फिर क्या था,सत्ता पक्ष ने तुरंत इस पर चुटकी ले ली और देखते ही देखते पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा। हालांकि तेजस्वी यादव ने अपनी गलती तुरंत सुधार ली, लेकिन तब तक यह छोटा सा पल राजनीतिक माहौल में चर्चा का विषय बन चुका था। कुछ देर के लिए सदन का फोकस गंभीर मुद्दों से हटकर इसी भाषाई चूक पर आ गया।
इसके बावजूद तेजस्वी यादव अपने आक्रामक तेवर में बने रहे। उन्होंने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर पहले ही मुख्यमंत्री का चेहरा तय कर लिया गया था, तो विशेष सत्र बुलाने की जरूरत ही क्या थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को एक सोची-समझी रणनीति के तहत हटाया गया।
तेजस्वी ने बिहार को ‘अजूबा स्टेट’ बताते हुए कहा कि पिछले पांच सालों में पांच बार सरकार बदल चुकी है, जो राज्य की राजनीतिक अस्थिरता को दिखाता है।
उन्होंने सम्राट चौधरी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी ‘पगड़ी संभालकर रखनी चाहिए’, क्योंकि सत्ता का समीकरण कभी भी बदल सकता है।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि सम्राट चौधरी, लालू प्रसाद यादव की ‘पाठशाला’ से निकले हैं और एनडीए के कई नेता अलग-अलग दलों से आए हुए हैं, जिनका बीजेपी की मूल विचारधारा से कोई गहरा संबंध नहीं है।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी विपक्ष के आरोपों का जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकार अपने फैसलों को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है और विपक्ष सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। विधानसभा का यह सत्र जहां गंभीर बहसों के लिए जाना जाएगा, वहीं तेजस्वी यादव की इस छोटी सी जुबानी चूक ने माहौल में हल्की मुस्कान भी घोल दी।



