
पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी एक बार फिर अपने अलग अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। विधानसभा चुनाव के बाद राजनीतिक माहौल गर्म है और इसी बीच गुरुवार सुबह ममता बनर्जी का नया रूप देखने को मिला। सफेद साड़ी के ऊपर काला कोट पहनकर जब वह कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं तो हर किसी की नजर उन पर टिक गई।
आमतौर पर मंचों से तीखे भाषण देने वाली ममता इस बार अदालत में वकील के अंदाज में दिखाई दीं। चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े मामले की सुनवाई के लिए वह हाईकोर्ट पहुंची थीं। उनके इस लुक की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। हालांकि कोर्ट परिसर के बाहर कुछ लोगों ने “चोर-चोर” के नारे भी लगाए, जिससे माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया।
सुबह करीब 10 बजे ममता बनर्जी हाईकोर्ट पहुंचीं। उनके साथ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे। दरअसल चुनाव बाद हिंसा को लेकर तृणमूल कांग्रेस की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने तत्काल सुनवाई का फैसला किया था।
सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में मीडिया और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ममता बनर्जी का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अदालत में खुद मौजूद होकर ममता सीधे जनता तक संदेश पहुंचाने की कोशिश करती हैं।
यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी वकील की भूमिका में नजर आई हों। इससे पहले भी वह सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान अपनी बात रख चुकी हैं। बंगाल की राजनीति में उनका यह अलग अंदाज हमेशा सुर्खियां बटोरता रहा है। कभी सड़क पर धरना, कभी व्हीलचेयर पर चुनाव प्रचार और अब हाईकोर्ट में वकील के रूप में मौजूदगी ममता का हर कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बन जाता है।



