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सम्राट कैबिनेट विस्तार की बड़ी खबर, कौन-कौन बनेंगे मंत्री ? देखें पूरी लिस्ट

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। अलग-अलग कयासों के बीच जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक कैबिनेट विस्तार अब पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद हो सकता है।

पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि विश्वास मत हासिल करने के बाद अप्रैल के अंत तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा, लेकिन 29 अप्रैल को दूसरी कैबिनेट बैठक बुलाए जाने के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि फिलहाल विस्तार टल गया है। अगर इसी महीने विस्तार होना होता, तो उसकी हलचल पहले ही दिख जाती, जो अभी नजर नहीं आ रही।

देरी की वजह क्या है?
बिहार बीजेपी के कई विधायक फिलहाल पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। ऐसे में अगर अभी कैबिनेट विस्तार किया जाता और कुछ नेताओं को जगह नहीं मिलती, तो नाराजगी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकती थी। इसी कारण विस्तार को फिलहाल टालने का फैसला लिया गया है।

जेडीयू कोटे से संभावित चेहरे

नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू में बड़े बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है। ज्यादातर पुराने चेहरों को दोहराया जा सकता है। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव पहले से ही कैबिनेट में हैं।
इसके अलावा श्रवण कुमार, लेसी सिंह, अशोक चौधरी, जमा खान, शीला मंडल, सुनील कुमार, मदन सहनी और रत्नेश सदा के नाम मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। कुछ सीटों पर बदलाव संभव है, जहां भगवान सिंह कुशवाहा और जयंत राज के नाम भी चर्चा में हैं। साथ ही युवाओं और महिलाओं को मौका देने के संकेत भी मिल रहे हैं।

बीजेपी कोटे में हो सकता है बदलाव

बीजेपी खेमे में इस बार बदलाव की संभावना ज्यादा जताई जा रही है। पार्टी जातीय संतुलन, अनुभव और युवा नेतृत्व को ध्यान में रखते हुए नए नामों पर विचार कर सकती है।
संजय सरावगी ने भी संकेत दिया है कि कैबिनेट संतुलित होगा और इसमें युवाओं व महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
संभावित नामों में मंगल पांडेय, विजय सिन्हा, रामकृपाल यादव, श्रेयसी सिंह, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी, अरुण शंकर प्रसाद और संजय सिंह ‘टाइगर’ शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं संगीता कुमारी को भी मौका मिल सकता है।

सहयोगी दलों का समीकरण

एनडीए के अन्य सहयोगी दलों में बड़े बदलाव की संभावना कम है। आरएलएम से दीपक प्रकाश का नाम लगभग तय माना जा रहा है। वहीं चिराग पासवान अपनी पार्टी से संजय पासवान और संजय सिंह को दोबारा मौका दे सकते हैं।
जीतनराम मांझी की पार्टी HAM की ओर से संतोष मांझी का नाम लगभग तय बताया जा रहा है।

कुल मिलाकर, बिहार कैबिनेट विस्तार को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है, लेकिन अंतिम फैसला चुनावी समीकरणों और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।

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