
विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए वैचारिक समझ, योग्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और सकारात्मक माहौल जरूरी है। इससे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है और वे परीक्षा के साथ-साथ जीवन की चुनौतियों के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार होते हैं। इसी सोच के साथ बिहार सरकार ने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और व्यक्तिगत मार्गदर्शन देने के लिए नई डिजिटल पहल शुरू की है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार, 23 अगस्त को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार के विद्यार्थियों के लिए 24×7 इंटरैक्टिव प्लेटफॉर्म ‘बिहार विद्या साथी’ का शुभारंभ किया। इस पहल से करीब 3 लाख छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन मिलेगा, जिसमें 75 हजार शिक्षक ऑनलाइन सहयोग देंगे। विद्यार्थी अपनी जरूरत और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर उनसे वन-टू-वन संवाद के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में ‘बिहार विद्या साथी’ एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विद्यार्थी जब चाहें और जहां से चाहें, पढ़ाई से जुड़ी अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 24 घंटे लाइव शिक्षक उपलब्ध रहेंगे। विद्यार्थी अपनी आवश्यकता और पसंद के अनुसार शिक्षक का चयन कर वन-टू-वन संवाद के माध्यम से पढ़ाई कर सकेंगे।
इस पहल के तहत करीब 75 हजार शिक्षक विद्यार्थियों को व्यक्तिगत शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराएंगे। पढ़ाई के दौरान पाठ से जुड़ी किसी समस्या का त्वरित और नि:शुल्क समाधान भी इस मंच के माध्यम से मिल सकेगा।
कार्यक्रम के दौरान ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई। राजकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, शास्त्री नगर की छात्राओं जाह्नवी और जिया ने ऐप के इस्तेमाल का डेमो दिया। उन्होंने इसके माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं और लाभ की जानकारी दी। छात्राओं ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी जताया।
डिजिटल माध्यम से विशेषज्ञ शिक्षकों को सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों से जोड़ने की यह पहल खासकर उन छात्रों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिन्हें कोचिंग या निजी ट्यूशन का खर्च उठाना मुश्किल होता है। इस पहल से बिहार के विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सुनिए छात्राओं को

“एक छात्रा के तौर पर मुझे लगता है कि ‘बिहार विद्या साथी’ पोर्टल की शुरुआत हम जैसे विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी पहल है। खासकर उन छात्राओं के लिए, जिन्हें हर विषय के लिए अलग से ट्यूशन या कोचिंग की सुविधा नहीं मिल पाती, यह पोर्टल पढ़ाई में काफी मददगार साबित होगा। पढ़ाई से जुड़े सवालों के जवाब, नोट्स, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और क्वेश्चन बैंक जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलने से परीक्षा की तैयारी आसान होगी। इससे हम अपनी पढ़ाई को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे और अपनी कमजोरियों को दूर करने पर ध्यान दे सकेंगे। मुझे लगता है कि इस पहल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भी बेहतर शैक्षणिक संसाधन मिलेंगे।”
नवी ठाकुर, छात्रा

“आज के समय में पढ़ाई के लिए सही स्टडी मैटेरियल और मार्गदर्शन मिलना बहुत जरूरी है। ‘बिहार विद्या साथी’ पोर्टल की शुरुआत छात्रों के लिए एक अच्छी और उपयोगी पहल है। इससे विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई से जुड़ी सामग्री और मार्गदर्शन मिल सकेगा।
खासकर उन छात्राओं के लिए यह सुविधा काफी मददगार होगी, जिन्हें किसी कारण से नियमित कोचिंग या ट्यूशन नहीं मिल पाता। साथ ही जो छात्राएं संकोचवश घर से निकलकर कोचिंग नहीं कर पाती थीं, उनके लिए सम्राट सरकार का यह फैसला किसी वरदान से कम नहीं है। इस फैसले से समय की बचत तो होगी, साथ हीं छात्र अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर तरीके से पढ़ाई कर सकेंगे। मुझे उम्मीद है कि ज्यादा से ज्यादा छात्र इस पोर्टल का लाभ उठाएंगे और खासकर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को इससे काफी फायदा मिलेगा।”
प्रीति कुमारी, छात्रा



