
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) का सख्त अभियान जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को ईओयू की टीम ने पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया नगर पंचायत के वार्ड पार्षद व स्थानीय भाजपा नेता रजनीश कुमार पाठक उर्फ रिंकू पाठक पर बड़ा शिकंजा कसा। रिंकू पाठक और उनकी पत्नी किरण देवी (जो वर्तमान में मुख्य पार्षद हैं) के पांच ठिकानों पर ईओयू ने एक साथ धावा बोला, जिसमें करोड़ों रुपये की बेहिसाब संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है।ईओयू के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, रजनीश कुमार पाठक और उनकी पत्नी के खिलाफ ज्ञात आय के वैध स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित करने की पुख्ता सूचनाएं थीं। इसके आधार पर आर्थिक अपराध थाना में कांड संख्या 29/26 दर्ज किया गया। पटना स्थित विशेष न्यायालय (निगरानी) से तलाशी वारंट प्राप्त कर इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
आय से 124.81% अधिक संपत्ति का केस दर्ज
ईओयू की विशेष टीम ने एएसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व व स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के सहयोग से यह रेड की। टीम ने केसरिया स्थित रिंकू पाठक के पैतृक आवास, केसरिया बाजार में पेट्रोल पंप के समीप निजी मकान, ‘युवराज गैस एजेंसी’ के कार्यालय और गोदाम के साथ-साथ नगर पंचायत के मुख्य पार्षद के कार्यालय को भी खंगाला। जांच केवल पूर्वी चंपारण तक सीमित नहीं रही, बल्कि पटना के दानापुर स्थित ‘पार्क वेस्ट अपार्टमेंट’ के आलीशान फ्लैट पर भी गहन तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान जांच अधिकारियों के हाथ जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े 54 अहम दस्तावेज लगे हैं। ये बेशकीमती संपत्तियां केवल बिहार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पटना, मोतिहारी, केसरिया के साथ-साथ दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में भी निवेश किया गया है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न ठिकानों से 2.50 लाख रुपये नकद, कई महंगे वाहनों के कागजात और भारी मात्रा में कीमती आभूषण बरामद किए गए हैं।
3.56 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति, 54 प्लॉट के पेपर
ईओयू की प्रारंभिक जांच के अनुसार, रजनीश पाठक और उनकी पत्नी ने अपने ज्ञात और वैध आय स्रोतों के मुकाबले कुल 3 करोड़ 56 लाख 65 हजार 118 रुपये की अधिक संपत्ति अर्जित की है। यह आंकड़ा उनकी वास्तविक आय से 124.81 प्रतिशत अधिक बैठता है। जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद दस्तावेजों की विस्तृत जांच जारी है। संपत्तियों के मूल्यांकन के बाद बेहिसाब संपत्ति का यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। रजनीश कुमार पाठक पहली बार वर्ष 2008 में केसरिया नगर पंचायत के वार्ड 8 से पार्षद निर्वाचित हुए थे और 2018 तक इस पद पर रहे। वर्ष 2023 में वे वार्ड 7 से फिर पार्षद चुने गए और वर्तमान में इसी पद पर हैं। उनकी पत्नी किरण देवी भी 2023 से केसरिया नगर पंचायत की मुख्य पार्षद हैं। ईओयू अब बरामद दस्तावेजों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही है ताकि निवेश किए गए धन के वास्तविक स्रोत का पता लगाया जा सके। एक लोक सेवक के रूप में कर्तव्य के विचलन से संबंधित विस्तृत जानकारी भी सक्षम प्राधिकार को उपलब्ध कराई जा रही है।



