
बिहार में मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक 12 जिलों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है। दरभंगा, कटिहार, पूर्णिया और सुपौल के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, मधुबनी, सहरसा, भागलपुर, बांका और जमुई में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा पटना, गया, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा समेत कई शहरों में गरज-चमक और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में हुई जोरदार बारिश
सोमवार को सक्रिय मानसून ट्रफ के प्रभाव से बिहार के अनेक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा मधुबनी के मधवापुर में 276.6 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा पश्चिम चंपारण के मैनाटांड़ (169.8 मिमी), सारण के अमनौर (109 मिमी), नरकटियागंज (106.2 मिमी), सीवान के दरौली (105.4 मिमी), मधुबनी के लौकही (88.4 मिमी), गोपालगंज (88.2 मिमी), सीवान के रघुनाथपुर (76.6 मिमी), किशनगंज के तैयबपुर (75.5 मिमी), बेतिया (71.2 मिमी) और सीवान के मैरवा (65.5 मिमी) में भी अच्छी वर्षा हुई।
सामान्य से अब भी कम है बारिश
हाल की बारिश से वर्षा के आंकड़ों में कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन राज्य अब भी सामान्य वर्षा से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अब तक बिहार में 177.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 43 प्रतिशत कम है। वहीं जुलाई महीने में भी औसत के मुकाबले लगभग 50 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
बंगाल की खाड़ी में बनेंगे नए सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में अगले एक सप्ताह के भीतर दो कम दबाव के क्षेत्र बनने की संभावना है। पहला सिस्टम अगले एक-दो दिनों में विकसित होकर चक्रवाती परिसंचरण का रूप ले सकता है, जबकि दूसरा सिस्टम 18 से 19 जुलाई के बीच बनने के संकेत हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होती रह सकती है।
हालांकि जिन क्षेत्रों में बारिश नहीं होगी, वहां उमस और गर्मी का असर बना रह सकता है।
किसानों की बढ़ी चिंता
मानसून को राज्य में पहुंचे लगभग एक महीना होने वाला है, लेकिन अपेक्षित बारिश नहीं होने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। धान सहित खरीफ फसलों की बुआई कई इलाकों में धीमी पड़ गई है। किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि खेतों में पर्याप्त नमी बने और कृषि कार्यों में तेजी आ सके।



