
पटना। बिहार में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने, उनमें पूर्ण पारदर्शिता लाने और लेटलतीफी खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में भव्य कार्यक्रम के दौरान ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘कायाकल्प पोर्टल’ और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया। अब इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्यभर में चल रही तमाम विकास योजनाओं की सीधी और पारदर्शी ऑनलाइन निगरानी की जा सकेगी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। इस अभियान को मुख्य रूप से दो अवयवों में बांटा गया है। पहला, पूर्व से मौजूद संपत्तियों (सार्वजनिक सुविधाओं) का सुदृढ़ीकरण, मरम्मती और उन्नयन, जिसे हर हाल में 30 नवंबर 2026 तक पूरा करने का अल्टीमेटम दिया गया है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे इसे दीपावली से पहले ही पूर्ण करने का प्रयास करें। वहीं, दूसरे चरण के तहत नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
दो चरणों में पूरे होंगे विकास कार्य, तय हुई सख्त समय-सीमा
कार्यक्रम में ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने प्रस्तुतीकरण के जरिए पोर्टल की कार्यप्रणाली समझाई। प्राथमिकता के आधार पर इस पोर्टल पर ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा, पंचायती राज, नगर विकास, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग कल्याण और अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग की सभी योजनाओं का डेटा उपलब्ध रहेगा। किस योजना की कितनी प्रगति हुई है, कितनी पूरी हो चुकी हैं और क्या काम लंबित है, यह सब कायाकल्प पोर्टल और ऐप पर रियल-टाइम में देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मूल मकसद बड़ी घोषणाओं के साथ-साथ छोटी-छोटी योजनाओं के जरिए आम जनजीवन को सुगम बनाना है। उन्होंने निर्देश दिया कि पंचायत स्तर पर स्कूलों की रंगाई-पुताई, सामुदायिक भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण तय समय-सीमा में हो। अंबेडकर और कर्पूरी ठाकुर छात्रावासों सहित स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक सुविधाओं को 30 नवंबर तक हर हाल में दुरुस्त कर लिया जाए। साथ ही, आगामी पंचायत विकास दिवस के अवसर पर इन कार्यों को प्रमुखता से शामिल करने पर जोर दिया गया।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से समन्वय की अपील
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी सहित राज्य के कई मंत्रीगण मौजूद थे। इसके अलावा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह सहित आला अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य के सभी जिलाधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का हिस्सा बने।



