
बिहार में मौसम ने करवट ले ली है और आने वाले पांच दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मेघ गर्जन, वज्रपात, तेज हवा और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पटना समेत ज्यादातर इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट आएगी। अगले 24 घंटों में अधिकतम तापमान करीब 3 डिग्री तक कम होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
हाल ही में हुई बारिश और आंधी का असर भी साफ देखने को मिला है। पटना सहित करीब 20 जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। पटना में अधिकतम तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि 25.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सुपौल, पूर्णिया, मधुबनी, बक्सर और अररिया जैसे जिलों में भी अच्छी बारिश हुई, जहां कई जगहों पर 50 मिमी से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई।
हालांकि इस बदलते मौसम ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कृषि विभाग ने जिलों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। पटना समेत कई इलाकों में तेज आंधी और बारिश से आम और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। बेल वाली सब्जियां जैसे लौकी, करेला, तरोई और परवल की लताएं टूट गईं, जिससे तैयार फसल प्रभावित हुई है।
तेज बारिश के कारण खेतों में जलभराव भी देखने को मिला, जिससे खीरा, ककड़ी, नेनुआ और झिंगुनी जैसी फसलों में पीलापन आने की आशंका है। वहीं खीरा और तरबूज की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। रबी फसल कटने के बाद खेतों में रखा भूसा तेज हवा में उड़ गया, जिससे पशुपालकों को भी नुकसान झेलना पड़ा।
इसके अलावा आम और लीची के बागानों को भी काफी क्षति हुई है। कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूट गईं और अधपके फल गिर गए। मकई की फसल भी तेज हवा के कारण प्रभावित हुई है, जहां पौधे गिर गए हैं। आंधी-बारिश के चलते पशुओं के शेड और छप्पर तक उड़ गए, जिससे ग्रामीण इलाकों में नुकसान की तस्वीर सामने आई है।



