
बिहार के शिक्षा विभाग ने मॉडल स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को बेहतर और आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग ने 16 प्रतिष्ठित संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों (NGO) के साथ साझेदारी (MOU) करने का फैसला लिया है। इनमें से चार संस्थानों के साथ समझौता हो चुका है, जबकि अन्य के साथ प्रक्रिया जारी है।
इस पहल का लाभ सिर्फ मॉडल स्कूलों के छात्रों को ही नहीं, बल्कि सामान्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा। शिक्षा विभाग का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं और नई तकनीकों से जुड़ी उच्चस्तरीय तैयारी उपलब्ध कराना है।
समझौता करने वाले संस्थानों में IIT कानपुर, फिजिक्स वाला (PW), उदयन, एडोब एक्सप्रेस और एक्स्ट्रा सी प्रमुख हैं। IIT कानपुर के विशेषज्ञ कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को JEE की तैयारी कराएंगे, जबकि फिजिक्स वाला के सहयोग से JEE और NEET की ऑनलाइन कोचिंग दी जाएगी। उदयन संस्था मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति उपलब्ध कराएगी। वहीं, एडोब एक्सप्रेस के जरिए AI और अंग्रेजी शिक्षा पर विशेष प्रशिक्षण मिलेगा और एक्स्ट्रा सी की मदद से विद्यार्थियों को क्रॉसवर्ड प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाएगा।
स्कूल की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ सोमवार से शुक्रवार तक ऑनलाइन कोचिंग भी संचालित होगी। विद्यार्थियों की ग्रोथ पर नजर रखने के लिए हर सप्ताह टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। इन परीक्षाओं के आधार पर प्रतिभाशाली छात्रों की पहचान की जाएगी और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूल की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा।
शिक्षा विभाग जिन संस्थानों के साथ साझेदारी कर रहा है, उनमें IIT कानपुर, फिजिक्स वाला (PW), उदयन, एडोब एक्सप्रेस, एक्स्ट्रा सी, भारत इनोवेशन ग्लोबल (BIG), फ्रीडम एजुकेशन, उन्नति फाउंडेशन, इंडस एक्शन और पिरामल फाउंडेशन समेत कुल 16 संस्थान और संगठन शामिल हैं। इस पहल से सरकारी स्कूलों के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य की नई तकनीकों के लिए बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।



