
नीतीश कुमार रविवार को जदयू कार्यालय पहुंचे, जहां भामाशाह जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे, जिनमें डिप्टी सीएम विजय चौधरी, बिजेंद्र यादव, लेसी सिंह, श्रवण कुमार और अशोक चौधरी जैसे नाम शामिल थे।
कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार करीब 10 मिनट तक पार्टी दफ्तर में रहे। उनके पहुंचते ही कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। माहौल उस समय हल्का हो गया जब नीतीश कुमार अपने ऊपर बने गीत को सुनकर मुस्कुराए और तालियां भी बजाईं। इस मौके पर कार्यकर्ताओं के बीच पंपलेट भी बांटे गए, जिनमें भामाशाह का परिचय और नीतीश कुमार के विचारों का जिक्र था।
इस कार्यक्रम के जरिए नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को पांच अहम संदेश दिए। उन्होंने कहा कि उनका काम ही उनकी पहचान है। राजनीति को सेवा का माध्यम बताया, न कि लाभ का जरिया। साथ ही ‘न्याय के साथ विकास’ के सिद्धांत को दोहराते हुए हर वर्ग के विकास पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी बड़ा लक्ष्य आधे मन से हासिल नहीं किया जा सकता और बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना उनका संकल्प है।
कार्यक्रम खत्म होने के बाद डिप्टी सीएम विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि यह आयोजन पार्टी के व्यवसायिक प्रकोष्ठ की ओर से किया गया था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अक्सर पार्टी दफ्तर आते रहते हैं और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव बनाए रखते हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद यह उनका पहला जदयू कार्यालय दौरा था, जिस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला।



