
पटना। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों (चार शिक्षक और चार स्नातक) पर द्विवार्षिक चुनाव की रणभेरी बजते ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव आयोग द्वारा कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर सीटों के बंटवारे को लेकर रस्साकशी शुरू हो गई है। एनडीए में सीट शेयरिंग पर अभी कोई औपचारिक तस्वीर साफ नहीं हुई है, लेकिन घटक दलों ने अपनी-अपनी दावेदारी मजबूती से पेश करनी शुरू कर दी है।सबसे ज्यादा सियासी हलचल सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यहां से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने अपना दावा ठोक दिया है। रालोमो समर्थित उम्मीदवार और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान करते हुए कहा है कि वे आगामी 5 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। सिन्हा के मुताबिक, उनकी इस उम्मीदवारी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। सबसे ज्यादा सियासी हलचल सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रही है। यहां से राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने अपना दावा ठोक दिया है। रालोमो समर्थित उम्मीदवार और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राम पुकार सिन्हा ने चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान करते हुए कहा है कि वे आगामी 5 अक्टूबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे। सिन्हा के मुताबिक, उनकी इस उम्मीदवारी को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह का पूर्ण समर्थन प्राप्त है।
एनडीए के भीतर दबाव की रणनीति
रालोमो की ओर से यह दावेदारी ऐसे समय में आई है जब गठबंधन में सीटों का बंटवारा तय नहीं है। गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र और मंत्री दीपक प्रकाश ने भी एमएलसी चुनाव में एक सीट अपनी पार्टी को दिए जाने की मांग उठाई थी। रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि सारण शिक्षक सीट से पार्टी का कार्यकर्ता ही चुनाव लड़ेगा। अब राम पुकार सिन्हा के सीधे मैदान में उतरने और शिक्षकों के बीच सघन जनसंपर्क अभियान शुरू करने से एनडीए के भीतर दबाव बढ़ गया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प होने जा रहा है। प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाले ‘जन सुराज’ ने पहले ही इस सीट से आफाक अहमद को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में राम पुकार सिन्हा की चुनावी रण में एंट्री से सारण सीट का मुकाबला बहुकोणीय होने के साफ संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, एनडीए के भीतर इस सीट पर अंतिम मुहर किस दल पर लगेगी, यह आने वाले दिनों में होने वाली राजनीतिक बैठकों के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा
।



