रौशन यादव के परिजनों से मिले तेजस्वी, बहन को नौकरी और परिवार को आर्थिक सहायता का भरोसा

मधुबनी के रामपट्टी मंडल कारा में 10 अगस्त 2026 को 20 वर्षीय बंदी रौशन कुमार यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। जेल प्रशासन जहां इसे आत्महत्या बता रहा है, वहीं मृतक के परिजनों ने मारपीट के बाद हत्या किए जाने का आरोप लगाया है।
इसी मामले को लेकर गुरुवार देर शाम बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव RJD नेताओं के साथ अरेर थाना क्षेत्र के परकौली गांव स्थित रौशन यादव के घर पहुंचे। तेजस्वी के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे। उन्हें देखने और सुनने के लिए हजारों की संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक जुटे रहे।
परिवार से मिले तेजस्वी यादव
परकौली पहुंचने के बाद तेजस्वी यादव ने रौशन यादव की मां और बहन से मुलाकात की। उन्होंने परिवार से घटना की पूरी जानकारी ली और मामले में न्याय की लड़ाई में साथ देने का भरोसा दिलाया।
तेजस्वी यादव ने रौशन की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक को कथित तौर पर तड़पा-तड़पाकर मारा गया है और इस मामले में जिम्मेदार लोगों का हिसाब होगा। उन्होंने प्रशासन और स्थानीय सांसद की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
तेजस्वी ने कहा कि RJD इस मामले को लेकर कानूनी स्तर पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पार्टी के वकीलों से बातचीत की जा रही है और मानवाधिकार आयोग के समक्ष मामला उठाने के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मामले की जानकारी बिहार के डीजीपी को दी जाएगी।
परिवार के लिए आर्थिक मदद और नौकरी का ऐलान
तेजस्वी यादव ने रौशन यादव के परिवार को डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने मृतक की बहन को मधुबनी मेडिकल कॉलेज में नौकरी दिलाने का भी आश्वासन दिया।
उन्होंने कहा कि रौशन के परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। न्याय मिलने तक RJD परिवार के साथ खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर हर स्तर पर आवाज उठाई जाएगी।
आत्महत्या या हत्या? जांच पर टिकी नजर
रौशन यादव की मौत को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। जेल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि परिवार ने इसे हत्या बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। यही वजह है कि मामले की जांच और उसके निष्कर्ष पर सभी की नज़रें बनी हुई है।
इससे पहले के प्रशांत किशोर और सांसद पप्पू यादव समेत कई नेता भी रौशन के परिजनों से मुलाकात कर चुके हैं। अब तेजस्वी यादव के गांव पहुंचने, परिवार को आर्थिक सहायता देने और नौकरी का ऐलान करने के बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर फिर चर्चा में आ गया है।



