newspatnaबिहार

मोतिहारी में उच्च-स्तरीय शांति समिति की बैठक; डीजे और हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध, संवेदनशील इलाकों में सादे लिबास में पुलिस मुस्तैद

मोतिहारी। जिले के सर्वाधिक संवेदनशील ढाका अनुमंडल में मोहर्रम का पर्व शांति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। मंगलवार को ढाका थाना परिसर में एक उच्च-स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से स्पष्ट कर दिया कि पर्व के दौरान अमन-चैन में खलल डालने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मोहर्रम हमारी मिली-जुली संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जाए।

जिलाधिकारी ने सुरक्षा व्यवस्था का भरोसा दिलाते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और उपद्रवियों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।प्रशासनिक निर्णय के तहत सभी थाना अध्यक्षों को कड़ा निर्देश दिया गया है कि ताजिया जुलूस के लिए प्राप्त आवेदनों में अंकित रूट का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करें। बिना सत्यापन के किसी भी अखाड़े या समिति को लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर संदिग्धों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने नियमों को लेकर सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया कि जिले में डीजे के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यदि कहीं भी डीजे का उपयोग होता पाया गया, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जुलूस में किसी भी प्रकार के धारदार या घातक हथियारों का प्रदर्शन पूरी तरह वर्जित रहेगा।

नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित समिति का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा सकता है।विधि व्यवस्था को सुदृढ़ रखने के लिए प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) क्रियाशील रहेंगे। भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के लिए सादे लिबास (सिविल ड्रेस) में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचलाधिकारी (CO), थाना अध्यक्षों के साथ संयुक्त रूप से अपने-अपने क्षेत्रों के संवेदनशील स्थलों का दौरा करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर मौके पर ही ‘स्पॉट मीटिंग’ आयोजित कर आम लोगों को जागरूक करेंगे। पुलिस अधीक्षक ने सभी गश्ती दलों को भी 24 घंटे चौकस रहने का आदेश दिया है।

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्रवासियों से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि त्योहार खुशियां बांटने के लिए होते हैं। प्रशासन चाहता है कि हर नागरिक बिना किसी भय के पर्व मनाए। उन्होंने लोगों से आपसी विश्वास और भाईचारे को सर्वोपरि रखने तथा जिले की गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए इस मोहर्रम को सौहार्द की एक नई मिसाल बनाने का आह्वान किया।

Related Articles

Back to top button