
बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में आज बेहद अहम रहा। जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राज्य परिषद और राष्ट्रीय परिषद की बैठक में जहां एक तरफ बड़ा संगठनात्मक फेरबदल हुआ, वहीं दूसरी ओर सरकार ने आरा में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने सरकार और पार्टी, दोनों मोर्चों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बड़े फैसलों की जानकारी दी।उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निर्विरोध पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है, जबकि उमेश कुशवाहा को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। परिषद के सभी सदस्यों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

विजय चौधरी ने साफ किया कि नीतीश कुमार ने भले ही मुख्यमंत्री का पद छोड़ दिया हो, लेकिन वे संगठन की कमान पूरी मजबूती से संभाले रहेंगे। अब वे संगठन को और अधिक समय देंगे, जिससे जमीनी स्तर पर पार्टी को भारी मजबूती मिलेगी। वर्तमान में पार्टी के सदस्यों की संख्या एक करोड़ से पार हो चुकी है और इस फैसले से कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।आरा में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर पर विपक्ष और जनता की ओर से उठ रहे सवालों पर सरकार ने बैकफुट पर रहने के बजाय कड़ा रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री ने खुले तौर पर स्वीकार किया कि आरा की घटना शुरुआती तौर पर विवादास्पद दिख रही है और इसे लेकर कई तरह के संशय हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, “पारदर्शिता की मिसाल पेश करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पूरे मामले की ‘न्यायिक जांच’ (Judicial Inquiry) कराने के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच को पूरी गंभीरता से पूरा करने के लिए एक निश्चित समय सीमा (Time Limit) तय की जाएगी। प्राथमिक कदम उठाते हुए 3 पुलिस पदाधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। न्यायिक जांच में यदि किसी भी स्तर के अधिकारी का दोष साबित होता है, तो सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।” सरकार ने जनता से अपील की है कि वे जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें, समय सीमा के भीतर सच सबके सामने आ जाएगा।



