
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी क्रम में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने एक बड़े अधिकारी के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।
शहरी विकास एवं आवास विभाग में तैनात एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (मैकेनिकल) राजीव कुमार पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में कांड संख्या-15/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
निगरानी विभाग के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सुनियोजित तरीके से अवैध संपत्ति जुटाई। जांच में यह सामने आया है कि उन्होंने अपनी वैध आय से कहीं ज्यादा, लगभग 1 करोड़ 10 लाख 24 हजार 271 रुपये की संपत्ति बनाई है, जो भ्रष्टाचार की ओर साफ संकेत करती है।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इसके बाद विशेष न्यायाधीश, निगरानी, पटना द्वारा जारी तलाशी वारंट के आधार पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
आज सुबह से ही पटना में आरोपी के कई ठिकानों पर एक साथ रेड चल रही है। निगरानी की टीम दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच कर रही है।
शुरुआती जांच में संकेत मिल रहे हैं कि मामला और भी बड़ा हो सकता है और आने वाले समय में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
इन जगहों पर चल रही है छापेमारी:
रामनगरी रोड स्थित गृहम अपार्टमेंट, वेस्ट ब्लॉक (फ्लैट B-202)
खगौल रोड, दानापुर स्थित लैंडमार्क गोल्ड (फ्लैट 807)
पंत भवन, छठी मंजिल स्थित कार्यालय (प्रोक्योरमेंट एंड क्वालिटी कंट्रोल)



