
जिले के सभी निजी स्कूलों को अब अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। शिक्षा विभाग ने इसके लिए 30 जून की अंतिम तिथि तय की है। विभाग का कहना है कि कई स्कूल नियमों का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण अभिभावकों को स्कूल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां नहीं मिल पाती हैं। इसी को देखते हुए यह निर्देश जारी किया गया है।
जिला शिक्षा कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। इससे अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्था, शिक्षकों और सुविधाओं के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती है। कई बार अभिभावकों को छोटी-छोटी जानकारियों के लिए भी स्कूल के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
इसी समस्या को दूर करने के लिए जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपनी वेबसाइट को पूरी तरह अपडेट करें। स्कूलों को शिक्षकों की संख्या, उनकी शैक्षणिक योग्यता, स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, कक्षाओं की जानकारी, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, खेलकूद और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी वेबसाइट पर डालनी होगी।
इसके अलावा स्कूलों को अपनी मान्यता, शुल्क संरचना, संपर्क विवरण और अन्य महत्वपूर्ण सूचनाएं भी सार्वजनिक करनी होंगी। विभाग का मानना है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और अभिभावकों को सही जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
अधिकारियों ने कहा है कि सभी निजी स्कूलों को 30 जून तक यह काम पूरा करना होगा। यदि कोई स्कूल निर्धारित समय सीमा तक अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य जानकारी अपलोड नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। विभाग ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कर रहा है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी स्कूल तय नियमों के अनुसार काम करें और अभिभावकों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का कहना है कि स्कूलों की जवाबदेही तय करने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वेबसाइट पर पूरी जानकारी उपलब्ध होने से बच्चों के स्कूल का चयन करना आसान होगा और स्कूलों की कार्यप्रणाली के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी निजी स्कूल प्रबंधन से अपील की है कि वे समय रहते अपनी वेबसाइट अपडेट कर लें और विभाग के निर्देशों का पालन करें। इससे न केवल नियमों का पालन होगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा। 30 जून के बाद विभाग स्कूलों की वेबसाइट की समीक्षा करेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई करेगा।



