
बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। लंबे इंतजार के बाद मौसम विभाग ने 6 से 12 जुलाई तक राज्यभर में बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, अगले सात दिनों के दौरान कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले 7 से 10 दिनों में मानसून और अधिक सक्रिय हो सकता है।
पिछले लगभग तीन सप्ताह तक बिहार में मानसून कमजोर बना रहा, जिसके कारण अधिकांश जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई। 6 जुलाई तक राज्य में जहां औसतन 230.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 103 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यानी इस अवधि में सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम बारिश हुई। आज भी पटना समेत कई जिलों में आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 जुलाई को अररिया, किशनगंज और सुपौल में भारी बारिश हो सकती है। 8 जुलाई को अररिया, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया और सुपौल के कुछ इलाकों में तेज वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं 9 और 10 जुलाई को उत्तर एवं उत्तर-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। 11 जुलाई को भागलपुर, कटिहार और पश्चिमी चंपारण में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दिनों मानसून कमजोर पड़ने की मुख्य वजह बंगाल की खाड़ी में ओडिशा तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र को माना जा रहा है। इसके कारण मानसूनी हवाओं का रुख दक्षिण की ओर चला गया था। साथ ही बिहार और आसपास कोई मजबूत मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं थी, जिससे बारिश की गतिविधियां काफी धीमी पड़ गई थीं।
हालांकि, फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस से पूरी राहत मिलने में थोड़ा समय लग सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिनों तक हवा में नमी अधिक रहने और तापमान बढ़ने से उमस बनी रह सकती है। लेकिन जैसे-जैसे मानसून मजबूत होगा और बारिश का दायरा बढ़ेगा, वैसे-वैसे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।



