
पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पटना लौटते ही पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में घायल हुए तीन छात्रों का हाल जानने के लिए तेजस्वी यादव सीधे पटना के मेदांता अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने विशेषज्ञ डॉक्टरों से घायलों के स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी ली और पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को अल्टीमेटम दिया और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए।अस्पताल में घायलों से मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए तेजस्वी यादव ने पुलिस प्रशासन पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि सीवान में पुलिस ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं।
तेजस्वी ने कहा, “पुलिस ने एके-47 से गोलियां चलाईं और लाठी-डंडे बरसाए। इस घटना में निर्दोष बच्चों को गोली लगी है। पुलिस का रवैया इतना अमानवीय था कि गोली लगने से घायल छात्रों पर भी लाठियां चटकाई गईं। ये बच्चे शहर में रहकर पढ़ाई करते हैं। इनकी किस्मत अच्छी है कि इनकी जान बच गई।”इस पूरी घटना के लिए तेजस्वी यादव ने सीधे तौर पर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने ‘सेलेक्टेड सीएम’ का जिक्र करते हुए सम्राट चौधरी पर कड़ा प्रहार किया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “जब दिल्ली में आंदोलनकारियों के साथ समझौता हो गया था, तो सम्राट चौधरी कार्रवाई करने वाले कौन होते हैं? यह सब सेलेक्टेड सीएम के इशारे पर हो रहा है।”छात्रों पर की गई कानूनी कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि यहां निर्दोष छात्रों पर हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) का मुकदमा दर्ज किया गया है, जो सरासर गलत है।

बिहार में लोकतांत्रिक विरोध की परंपरा को बलपूर्वक बदला जा रहा है।विदित हो कि सीवान जिले में हाल ही में एक प्रदर्शन के दौरान हालात बेकाबू हो गए थे। इसी दौरान अचानक गोली चलने से तीन छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद इलाके में भारी सनसनी और परिजनों में गहरा आक्रोश फैल गया था। आनन-फानन में घायल छात्रों को प्राथमिक और आपातकालीन इलाज के लिए पहले पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) लाया गया था। हालांकि, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर चिकित्सीय देखभाल के लिए मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया था।विपक्ष लगातार राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी कर रहा है। ऐसे में पटना पहुंचते ही तेजस्वी यादव का सीधे मेदांता अस्पताल जाना और सरकार को अल्टीमेटम देना यह स्पष्ट करता है कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक पूरी आक्रामकता के साथ उठाने की तैयारी में है। फिलहाल, मेदांता में सभी घायल छात्रों का इलाज विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में जारी है।



