
बिहार में चौथे चरण की शिक्षक भर्ती (TRE-4) को लेकर बड़ी प्रशासनिक प्रगति हुई है। शिक्षा विभाग ने 20 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़ा प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया है। इस विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास है। उनकी मंजूरी मिलते ही अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाएगी, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया औपचारिक रूप से आगे बढ़ेगी।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो, इसलिए विभाग ने समय से पहले सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद BPSC को रिक्तियों का विवरण भेजा जाएगा। इसके बाद आयोग विस्तृत अधिसूचना जारी करेगा और ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इस भर्ती अभियान में माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों के कुछ रिक्त पदों को शामिल किए जाने की तैयारी है।
इस बीच BPSC ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे TRE-4 भर्ती विज्ञापन को फर्जी करार दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि अभी तक शिक्षा विभाग से रिक्तियों का आधिकारिक अधियाचन प्राप्त नहीं हुआ है। अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे केवल आयोग की आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और किसी भी भ्रामक विज्ञापन से सावधान रहें।
दूसरी ओर, राज्य में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी शुरू होने जा रही है। शिक्षा विभाग के ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 30 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। पात्र शिक्षकों को जिला और अंतर-जिला स्थानांतरण का अवसर मिलेगा, जबकि TRE-3 के तहत नियुक्त शिक्षकों और नियोजित शिक्षकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
नई व्यवस्था के अनुसार, जो शिक्षक अंतर-जिला या अंतर-प्रमंडलीय स्थानांतरण का विकल्प चुनेंगे, उनकी सेवा वरीयता नए जिले या नए प्रमंडल के आधार पर तय की जाएगी। स्थानांतरण के बाद उनकी वरिष्ठता वहां पहले से कार्यरत शिक्षकों के बाद मानी जाएगी।
स्थानांतरण प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले अधिशेष शिक्षकों का समायोजन और समानुपातीकरण किया जाएगा। इसके बाद पारस्परिक स्थानांतरण के मामलों का निपटारा होगा और अंत में सामान्य स्थानांतरण किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों को सलाह दी है कि वे स्थानांतरण के लिए जिला चुनते समय पूरी सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि एक बार स्थानांतरण होने के बाद नई वरिष्ठता लागू होगी और अगले पांच वर्षों तक दोबारा तबादले का अवसर नहीं मिलेगा।



