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बिहार में शराब तस्करों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, विदेशों से पहुंच रही अवैध खेप

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब तस्करों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अब तस्करी का नेटवर्क सिर्फ पड़ोसी राज्यों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विदेशी शराब की खेप भी बिहार तक पहुंचाई जा रही है। मुजफ्फरपुर में भूटान से लाई गई शराब की बड़ी खेप पकड़े जाने के बाद उत्पाद विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

उत्पाद विभाग की कार्रवाई में भूटान निर्मित शराब के 115 कार्टन बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तस्कर शराब को भूटान से पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में लाए और फिर किशनगंज, फारबिसगंज, पूर्णिया, मधुबनी और दरभंगा होते हुए मुजफ्फरपुर तक पहुंचाया गया। अब जांच एजेंसियां उस वाहन और पूरे नेटवर्क की पहचान में जुटी हैं, जिसके जरिए यह खेप बिहार लाई गई। मामले की जांच में तीन स्थानीय तस्करों के नाम भी सामने आए हैं।

अहियापुर थाना क्षेत्र के लखपत पासवान, सुशील झा और निखिल कुमार पर इस नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमों ने इनके ठिकानों पर छापेमारी की है, लेकिन फिलहाल तीनों फरार बताए जा रहे हैं। उनके खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। जांच में शराब तस्करी का एक बेहद खतरनाक तरीका भी उजागर हुआ है।

अधिकारियों के अनुसार, भूटान जैसे टैक्स-फ्री क्षेत्र से सस्ती शराब खरीदकर उसमें पानी, रंग और स्पिरिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाती थी। इसके बाद नकली लेबल लगाकर उसे नामी ब्रांड की शराब बताकर बाजार में कई गुना अधिक कीमत पर बेचा जाता था। उत्पाद विभाग का कहना है कि बिहार में सक्रिय तस्करों का एक बड़ा अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क काम कर रहा है।

हाल के वर्षों में कई राज्यों से जुड़े तस्करों की गिरफ्तारी से यह भी पता चला है कि शराब की बोतलों पर मौजूद बारकोड तक मिटा दिए जाते हैं, ताकि खरीद के स्रोत का पता न लगाया जा सके। तस्कर अब टैक्स-फ्री क्षेत्रों और देशों को अपना प्रमुख स्रोत बना रहे हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की मिलावटी शराब लोगों की जान के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

शराब में मिलाई जाने वाली जहरीली स्पिरिट से अंधापन, गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। रसायन विज्ञान के विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी मिलावटी शराब का सेवन किसी भी व्यक्ति के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। भूटान से शराब की खेप पकड़े जाने की यह घटना बिहार में पहली बार सामने आई है, जिसने शराब तस्करी के बदलते तौर-तरीकों और बढ़ते नेटवर्क को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

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