
बिहार में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलने वाली है। राज्य में अल्ट्राटेक सीमेंट, सोमायन रेमेडीज समेत 19 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। इन परियोजनाओं में करीब 928 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 2200 लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
उद्योग विभाग में आयोजित राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की महत्वपूर्ण बैठक में 17 औद्योगिक परियोजनाओं को स्टेज-1 और स्टेज-2 की मंजूरी प्रदान की गई। करीब तीन घंटे चली इस बैठक की अध्यक्षता उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता ने की।
जिन प्रमुख कंपनियों की परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है, उनमें अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड की बांका सीमेंट वर्क्स यूनिट, ग्रीन एक्सेल प्राइवेट लिमिटेड, सोमायन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड, बजरंगबली पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड, बीकेएसएस एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड, अशर्फी देवी कोल्ड स्टोरेज प्राइवेट लिमिटेड और टॉप टेन एंटरप्राइजेज सहित कई अन्य कंपनियां शामिल हैं।
इस बीच दरभंगा के डोनार क्षेत्र में मखाना आधारित उद्योग को बढ़ावा देने के लिए एक आधुनिक मखाना प्रोसेसिंग यूनिट भी स्थापित की जाएगी। मखायो फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की इस परियोजना पर 27.44 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इसके जरिए करीब 300 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
करीब 2.20 एकड़ भूमि पर बनने वाली इस यूनिट में मखाने की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन का कार्य आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इससे लगभग 5 हजार मखाना उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और क्षेत्र में कृषि आधारित उद्योगों को भी नई पहचान मिलेगी।
उद्योग सचिव कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को बेहतर सुविधाएं और उद्योग अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक निवेश आकर्षित कर राज्य में रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नई परियोजनाओं के शुरू होने से बिहार में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।



