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चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरेगा महागठबंधन, आठ अक्टूबर को पटना में लोक भवन मार्च; मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग

पटना। बिहार में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सियासी पारा एक बार फिर चढ़ गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए महागठबंधन की ओर से प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद किया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में कथित धांधली के विरोध में महागठबंधन आठ अक्टूबर को पटना में विधानसभा के समक्ष स्थित सप्तमूर्ति से लोक भवन तक मार्च करेगा।तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार से शुरू हुए एसआइआर में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया और वोटों में कथित हेराफेरी का अंदेशा जताते हुए आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। नेता प्रतिपक्ष ने विशेष रूप से पूछा कि चुनाव से ठीक पहले जब महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जा रहे थे, तब चुनाव आयोग ने इस पर संज्ञान लेकर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

सीईसी को हटाने की मांग

आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने विस्तार से बताया कि इस विशाल विरोध प्रदर्शन में महागठबंधन के सभी प्रमुख घटक दल पूरी तरह से एकजुट होकर सड़क पर उतरेंगे। तय किए गए कार्यक्रम के अनुसार, सबसे पहले छह अक्टूबर को देश की राजधानी दिल्ली में विपक्षी दलों के सभी सांसद एक बड़ा विरोध मार्च निकालेंगे। इसके उपरांत सभी बड़े नेता राष्ट्रपति से औपचारिक मुलाकात कर अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे और चुनाव आयोग की संदिग्ध कार्यप्रणाली को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपेंगे। दिल्ली के कार्यक्रम के बाद बिहार राज्य में इस राजनीतिक आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। पार्टी द्वारा घोषित कार्यक्रम के तहत, सात अक्टूबर को राज्य के सभी प्रखंडों में महागठबंधन के स्थानीय नेताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं द्वारा एक विशाल आक्रोश मार्च निकाला जाएगा।

आठ अक्टूबर को पटना में लोक भवन मार्च

इसके अगले दिन यानी आठ अक्टूबर को बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर विपक्षी दलों की ओर से बड़े पैमाने पर विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन पटना में होने वाले मुख्य मार्च में गठबंधन के सभी विधायक, सांसद, वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। अंत में तेजस्वी यादव ने स्पष्ट रूप से कहा कि महागठबंधन भारतीय संविधान और देश के लोकतंत्र में गहरी आस्था रखता है। लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बचाने के लिए कड़ा विरोध लगातार जारी रहेगा।

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