31 दिसंबर को सहरसा में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा सुनेंगे आम जनता की समस्याएं

पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाएं आम लोगों को समय सीमा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 31 दिसंबर 2025 को सहरसा में भूमि सुधार जन कल्याण संवाद का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा करेंगे।
यह जन कल्याण संवाद प्रेक्षागृह, सहरसा (विकास भवन के सामने) आयोजित होगा। कार्यक्रम दो पालियों में संपन्न किया जाएगा।
पहली पाली में आम जनता से संवाद
कार्यक्रम की प्रथम पाली पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 2:30 बजे तक होगी, जिसमें आम लोगों की राजस्व से संबंधित समस्याओं और ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े मामलों को सुना जाएगा। इस दौरान प्राप्त आवेदनों में से कुछ का अंचलवार चयन कर मौके पर अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को शिकायतकर्ता के सामने बैठाकर समस्या पर चर्चा एवं समाधान का प्रयास किया जाएगा।
इस सत्र में जिले के सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं संबंधित राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहेंगे।
शिकायतकर्ताओं का पंजीकरण सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक अंचलवार लगाए गए काउंटर पर किया जाएगा। आवेदन में नाम, पूरा पता और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने की अपील की गई है, ताकि कार्रवाई की जानकारी एसएमएस के माध्यम से दी जा सके।
यह भी स्पष्ट किया गया है कि जन संवाद के दौरान प्राप्त सभी आवेदन पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे और उन पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दूसरी पाली में राजस्व कार्यों की समीक्षा
कार्यक्रम की द्वितीय पाली अपराह्न 3:30 बजे से 5:00 बजे तक होगी, जिसमें राजस्व विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, बंदोबस्त पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल होंगे।
समीक्षा बैठक में दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस, ई-मापी समेत सभी ऑनलाइन सेवाओं की आंकड़ों के साथ समीक्षा की जाएगी। साथ ही अभियान बसेरा-2 की स्थिति की भी विशेष समीक्षा होगी।
भूमि विवाद कम करने पर जोर
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भूमि सुधार जन कल्याण संवाद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दाखिल–खारिज, परिमार्जन प्लस और ई-मापी जैसी सेवाएं समयबद्ध रूप से आम लोगों को उपलब्ध हों, जिससे भूमि अभिलेख अद्यतन होंगे और भूमि विवादों में भारी कमी आएगी।
उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भूमि सुधार से संबंधित कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। सभी जिलों में राजस्व ग्रामवार समीक्षा की जा रही है और अधिकारियों को समय सीमा में मामलों के निष्पादन के निर्देश दिए गए हैं। यह समीक्षा कार्य प्रधान सचिव सी.के. अनिल के नेतृत्व में लगातार जारी रहेगा।



