
पटना। सारण जिले के दिघवारा प्रखंड में बाढ़ और जलभराव का कहर एक बार फिर देखने को मिला है। गरखा से पट्टी शीतलपुर की ओर जाने वाली माही नदी का जलस्तर बढ़ने से रविवार की अहले सुबह मोहन कोठिया गांव के समीप स्थित सिमरहिया बांध अचानक टूट गया। तटबंध के टूटने से नदी का पानी तेजी से रिहायशी इलाकों में घुसने लगा, जिससे आठ गांव पूरी तरह से प्रभावित हो गए हैं और ग्रामीणों में भारी अफरा-तफरी का माहौल है। घटना की गंभीरता को देखते हुए उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने प्रशासनिक अमले के साथ मौके पर पहुंचकर राहत, बचाव और कटाव निरोधी कार्यों का जायजा लिया। रविवार तड़के जब ग्रामीण सो रहे थे, तभी सिमरहिया बांध पानी के भारी दबाव को नहीं झेल सका। बांध टूटते ही पानी का तेज बहाव गांवों और खेतों की ओर मुड़ गया। देखते ही देखते मोहन कोठिया, घोरहो कोठिया, मुजौना, धर्मागत, जैतीपुर और रामपुर समेत आसपास के आठ गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया। अचानक आई इस आफत से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। सैकड़ों एकड़ में लगी फसलें जलमग्न हो गई हैं और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जलजमाव के कारण लोगों को अपने मवेशियों और परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अचानक टूटे बांध से मची चीख-पुकार
तटबंध टूटने की सूचना सबसे पहले घबराए हुए ग्रामीणों ने सांसद प्रतिनिधि सह भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राकेश कुमार सिंह को दी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव को इस गंभीर स्थिति से अवगत कराया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन तत्काल हरकत में आ गया। डीएम वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार भारी दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का मुआयना किया। अधिकारियों की मौजूदगी में कटाव निरोधी कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए गए हैं, ताकि पानी के बहाव को अन्य गांवों की ओर बढ़ने से रोका जा सके। राज्य सरकार भी इस आपदा को लेकर गंभीर है। प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए उपमुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव स्वयं मौके पर पहुंचे। उनके साथ गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, विधायक करिश्मा राय और सांसद प्रतिनिधि राकेश कुमार सिंह भी मौजूद थे। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से नुकसान की विस्तृत जानकारी ली और राहत-बचाव कार्यों में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है।
शुरू होगा सामुदायिक किचन, मिलेगा मुआवजा
उपमुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि प्रभावित परिवारों को किसी भी चीज की कमी नहीं होने दी जाएगी। भोजन की किल्लत से निपटने के लिए प्रशासन को तत्काल ‘सामुदायिक किचन’ शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आपदा से हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित परिवारों को नियमानुसार उचित मुआवजा भी दिया जाएगा।जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन की कई टीमें लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। कटाव रोकने के लिए पर्याप्त मशीनें और संसाधन लगा दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से मुनादी कराकर ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे टूटे हुए तटबंध और नदी के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।



