
बिहार जल्द ही देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है, जहां रेयर अर्थ एलिमेंट (दुर्लभ खनिज) का उत्पादन होगा। राज्य के सात जिलों में इन बहुमूल्य खनिजों की पहचान हो चुकी है और अब केंद्र सरकार के सहयोग से इनके खनन की तैयारी तेज कर दी गई है।
खनन शुरू होने के बाद बिहार सरकार को सिग्नेचर बोनस, रॉयल्टी और डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड के जरिए करीब 3 हजार करोड़ रुपये के राजस्व की उम्मीद है। इसके साथ ही यह परियोजना राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी।
40 हजार से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से 40 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। खनन कार्य में मजदूरों के अलावा इंजीनियर, भू-वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, मशीन ऑपरेटर और मेडिकल स्टाफ की भी जरूरत होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बिहार के उद्योगों को मिलेगा बड़ा फायदा
राज्य में रेयर अर्थ और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता से करीब 300 उद्योगों को सीधा लाभ होगा। अभी कई उद्योगों को कच्चा माल दूसरे राज्यों से मंगवाना पड़ता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर खनिज मिलने से परिवहन लागत घटेगी और उत्पादन सस्ता होगा। इससे बैटरी, इस्पात और अन्य औद्योगिक उत्पादों के निर्माण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग और मिनरल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित होने की संभावना भी बढ़ेगी।
रक्षा और हाई-टेक सेक्टर के लिए बेहद अहम
रेयर अर्थ एलिमेंट आधुनिक तकनीक और रक्षा क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में शामिल हैं। इनका इस्तेमाल परमाणु ऊर्जा, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम, रडार, ड्रोन, अंतरिक्ष तकनीक, फाइटर जेट, पनडुब्बी, नाइट विजन उपकरण, टीवी, डिजिटल कैमरा और इलेक्ट्रिक वाहनों की लिथियम-आयन बैटरियों के निर्माण में किया जाता है। कोबाल्ट और निकल जैसे खनिज ईवी उद्योग के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इन 7 जिलों में मिले महत्वपूर्ण खनिज
गया – निकल, क्रोमियम, पैलेडियम और प्लैटिनम ग्रुप के तत्व
रोहतास – ग्लोकोनाइट और पाइराइट
बांका – तांबा, सीसा, कोबाल्ट और एल्युमिनियम
भागलपुर – लैंथेनम, सीरियम, टाइटेनियम और क्रोमाइट
नवादा – वैनेडियम और इल्मेनाइट
जमुई – मैग्नेटाइट और लौह अयस्क
जहानाबाद – मैग्नेटाइट और लौह अयस्क
चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम
दुनिया में लगभग 70 प्रतिशत रेयर अर्थ एलिमेंट का उत्पादन चीन में होता है। ऐसे में बिहार में इन खनिजों की खोज भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे रक्षा, ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में देश की आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।
14 ब्लॉक चिन्हित, जल्द शुरू होगा खनन
खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद ने बताया कि बिहार में दुर्लभ खनिजों के बड़े भंडार मिले हैं और अब तक 14 खनन ब्लॉक चिन्हित किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर जल्द ही खनन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना बिहार के औद्योगिक विकास और आर्थिक प्रगति के लिए मील का पत्थर साबित होगी।



