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नितिन नवीन की विरासत, PK की साख और तेजस्वी का दांव… बांकीपुर उपचुनाव में किसका पलड़ा है भारी?

पटना। राजधानी पटना की हॉट सीट बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार शाम चुनाव प्रचार का शोर पूरी तरह से थम गया। 30 जुलाई को होने वाले इस चुनावी महामुकाबले से ठीक पहले पटना की सड़कों पर जबर्दस्त सियासी सरगर्मी देखने को मिली। अंतिम दिन सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपना आखिरी दांव चलते हुए मतदाताओं को लुभाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। प्रचार थमने के बाद अब प्रत्याशी केवल घर-घर जाकर (डोर-टू-डोर) जनसंपर्क कर सकेंगे।भाजपा के लिए यह सीट लंबे समय से उसका ‘अभेद्य किला’ रही है। इस बार साख बचाने की जिम्मेदारी पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को सौंपी है। वहीं, राजद की ओर से रेखा गुप्ता एक बार फिर चुनावी ताल ठोक रही हैं। लेकिन, इस बार सबसे बड़ा ‘एक्स-फैक्टर’ चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर (पीके) की सीधी एंट्री है।

पीके के खुद चुनावी अखाड़े में उतरने से यह लड़ाई अब एकतरफा न होकर एक बेहद हाई-प्रोफाइल और रोमांचक त्रिकोणीय संघर्ष में बदल गई है। चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में भाजपा और राजद ने सड़कों पर भव्य रोड शो कर अपनी ताकत का अहसास कराया। भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा समेत कई वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों ने सभाएं कीं और अपने मजबूत गढ़ को बचाने के लिए पसीना बहाया। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए पूरी ताकत लगा दी। राजद इस चुनाव को राज्य सरकार के खिलाफ जनमत के तौर पर पेश कर रहा है। प्रशांत किशोर और उनकी टीम ने बड़े रोड शो के बजाय गली-मोहल्लों में सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर सीधा मतदाताओं से जुड़ने की रणनीति अपनाई।

ज्ञात हो कि यह सीट भाजपा के कद्दावर नेता नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है। नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। ऐसे में भाजपा के सामने न केवल अपनी यह पारंपरिक सीट बचाने की चुनौती है, बल्कि सूबे की भावी राजनीति में अपना दबदबा कायम रखने का भी दबाव है।मतदान की तिथि | 30 जुलाई (सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक) || मतगणना व नतीजे | 3 अगस्त || मुख्य दावेदार | नीरज कुमार सिन्हा (भाजपा), रेखा गुप्ता (राजद), प्रशांत किशोर (जन सुराज) || सुरक्षा व्यवस्था | सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की कड़ी तैनाती |जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव आयोग द्वारा मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए आवश्यक गाइडलाइंस भी जारी कर दी गई हैं। अब सबकी निगाहें 30 जुलाई के मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि बांकीपुर की जनता किसे अपना नया सिरमौर चुनती है।

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