
पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। गुरुवार सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग के बीच चुनाव आयोग ने शुरुआती मतदान के आंकड़े जारी किए हैं। आयोग के अनुसार, सुबह 9 बजे तक विधानसभा क्षेत्र में 4.61 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की आवाजाही बनी हुई है और लोग अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
3.79 लाख से अधिक मतदाता करेंगे फैसला
इस उपचुनाव में कुल 3,79,471 मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 2,00,060 पुरुष, 1,79,533 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा 85 वर्ष से अधिक आयु के 3,166 वरिष्ठ नागरिक और 1,024 दिव्यांग मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि वे आसानी से मतदान कर सकें।
422 मतदान केंद्रों पर कड़ी निगरानी
बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान के लिए 422 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 247 सरकारी भवनों और 175 निजी भवनों में बूथ स्थापित किए गए हैं। साथ ही 9 चलंत मतदान केंद्र भी बनाए गए हैं। सभी बूथों की लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है, जिससे निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासन कंट्रोल रूम से लगातार मतदान प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
उम्मीदवारों के लिए सख्त नियम
मतदान के दौरान चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रत्येक उम्मीदवार को अधिकतम तीन वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इन वाहनों में भी अधिकतम पांच लोग ही सफर कर सकते हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
25 उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
इस उपचुनाव के लिए शुरुआत में 40 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। जांच के दौरान 14 नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए, जबकि एक उम्मीदवार ने अपना नाम वापस ले लिया। इसके बाद अब कुल 25 प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल और मजिस्ट्रेटों की निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बिना किसी भय के मतदान करें और लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में मतदान प्रतिशत और अंतिम नतीजों पर सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं की नजरें टिकी हुई हैं।



