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NEET बवाल में फंसे लालू के लाल: तेजप्रताप यादव पर ‘हत्या के प्रयास’ का केस, गिरफ्तारी पर भड़कीं वीणा मानवी, कहा- ये ऊपर का आदेश है

पटना। बिहार में नीट (NEET) पेपर लीक विवाद और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में हुए हंगामे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जेजेडी प्रमुख तेजप्रताप यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर बेऊर जेल भेज दिया है। पुलिस ने उन पर हत्या की कोशिश (धारा 307) जैसी गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद राज्य का सियासी पारा अचानक गरमा गया है।तेजप्रताप यादव के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने पुलिस की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अधिवक्ता ने बताया कि तेजप्रताप को 25 जुलाई की शाम 7:30 बजे पटना के सिटी सेंटर मॉल से हिरासत में लिया गया था। इसकी पुष्टि मॉल के सीसीटीवी फुटेज से भी होती है। उन्होंने बताया कि रात 10:30 बजे जब वह पीरबहोर थाने पहुंचे और एसपी तथा डीएसपी से गिरफ्तारी की वजह जाननी चाही, तो पुलिस ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परिजनों को भी इस कार्रवाई की भनक नहीं लगने दी गई।

अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिस ने घंटों तक उन्हें एफआईआर की कॉपी तक मुहैया नहीं कराई और बाद में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया।पार्टी प्रमुख की गिरफ्तारी के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) की नेता वीणा मानवी ने प्रशासन और सरकार पर तीखा हमला बोला है। बाकीपुर उपचुनाव में जेजेडी की ओर से प्रत्याशी बनाई गई (जिनका नामांकन बाद में रद्द हो गया था) वीणा मानवी ने कहा, “पहले नामांकन के दिन मुझे पकड़ा गया और अब तेजप्रताप यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसा लग रहा है कि पूरा का पूरा संविधान जेजेडी पर ही लागू हो गया है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि पुलिस अधिकारी दबी जुबान में इसे ‘ऊपर का आदेश’ बता रहे हैं। मानवी ने सवाल उठाया, “क्या बच्चों और महिलाओं के हक में बोलना अपराध है? अगर नेता छात्रों के बीच अपना झंडा लेकर चला गया, तो इसमें क्या गुनाह हो गया? राज्य में ऐसी अंधेरगर्दी चल रही है कि हमारा बिहार विनाश की स्थिति में पहुंच गया है।

गौरतलब है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर शनिवार को बुलाए गए ‘बिहार बंद’ के दौरान राज्य के 13 जिलों में भारी उपद्रव और हंगामा हुआ था। पुलिस के अनुसार, पटना के रामगुलाम चौक पर हुए प्रदर्शन के दौरान तेजप्रताप यादव पर छात्रों को हिंसा और उपद्रव के लिए भड़काने का गंभीर आरोप है। इसी मामले में देर रात उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।

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