
पटना। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज पार्टी के अधिकृत एमएलसी प्रत्याशी डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने चुनावी समर में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। बुधवार को शहर में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने अपनी चुनावी प्राथमिकताओं का खुला ऐलान किया। डॉ. राय ने स्पष्ट किया कि उनकी पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षकों के खोए हुए आत्मसम्मान को वापस दिलाना है। उन्होंने बड़ा चुनावी दांव चलते हुए घोषणा की कि यदि वे जीत दर्ज करते हैं, तो सामान्य शिक्षकों की तर्ज पर मदरसा शिक्षकों को भी महंगाई भत्ता (डीए) और भविष्य निधि (पीएफ) का पूरा लाभ दिलाने के लिए सड़क से लेकर विधान परिषद तक जोरदार संघर्ष करेंगे।
शिक्षा विभाग के रवैये पर साधा कड़ा निशाना
शिक्षा विभाग के वर्तमान रवैये और कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए जन सुराज प्रत्याशी ने कहा कि विभाग के आला अधिकारियों द्वारा शिक्षकों पर आए दिन बेवजह और कठोर दंडात्मक कार्रवाइयां की जा रही हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह से प्रशासनिक तानाशाही करार देते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के नाम पर शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके खिलाफ मुखर आवाज उठाना उनके एजेंडे में सर्वोपरि है। डॉ. राय ने जोर देकर कहा कि शिक्षकों का मूल और पवित्र कार्य बच्चों का भविष्य संवारना है, इसलिए उन्हें सभी प्रकार के गैर-शैक्षणिक (नॉन-एकेडमिक) कार्यों से अविलंब मुक्त किया जाना चाहिए, ताकि वे अपना पूरा ध्यान केवल स्कूलों में पठन-पाठन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर केंद्रित कर सकें।
प्रशांत किशोर की सभाओं से बदले सियासी समीकरण
शिक्षकों के वित्तीय अधिकारों की वकालत करते हुए उन्होंने सातवें वेतनमान की विसंगतियों को दूर करने का दृढ़ संकल्प लिया। डॉ. राय ने उपस्थित शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि वे उन्हें केंद्र या नियमित राज्य कर्मचारियों के समकक्ष सेवा शर्तें और वित्तीय लाभ दिलाने के लिए हर संभव कानूनी और राजनीतिक प्रयास करेंगे। इसके साथ ही, लंबे समय से फाइलों में अटकी हुई शिक्षकों की पदोन्नति (प्रमोशन) और वरिष्ठता (सीनियरिटी) से जुड़े जटिल विवादों के त्वरित समाधान को भी उन्होंने अपने विजन का मुख्य हिस्सा बताया है। इन सभी मांगों को लेकर ‘जन सुराज शिक्षक संघर्ष समिति’ के माध्यम से एक व्यापक जन-आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा रही है।
प्रशांत किशोर की सभाओं से बदले सियासी समीकरण
अपने चुनावी अभियान की चर्चा करते हुए डॉ. राय ने बताया कि इन दिनों वे ‘घर-घर जनसंपर्क अभियान’ के तहत शिक्षक मतदाताओं के दरवाजे तक पहुंच रहे हैं और उनकी जमीनी समस्याओं को करीब से समझ रहे हैं। उन्हें शिक्षकों का अपार स्नेह और समर्थन मिल रहा है। गौरतलब है कि जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) भी डॉ. सुरेश प्रसाद राय के समर्थन में दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पूरी तरह से सक्रिय हैं। प्रशांत किशोर लगातार चुनावी सभाएं कर रहे हैं। पूर्व में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा चुके डॉ. राय की जमीनी पकड़ और जन सुराज की आक्रामक रणनीति से अन्य राजनीतिक दलों और प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशियों के खेमे में भारी बेचैनी और खलबली मची हुई है।



