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मोकामा में गरमाई सियासत: रोड शो में नियमों की अनदेखी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, पूर्व विधायक अनंत सिंह और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह पर FIR दर्ज

पटना। बिहार की राजनीति में हमेशा से हॉट सीट माने जाने वाले और अपनी खास सियासी तासीर के लिए मशहूर मोकामा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी एक बार फिर तेज हो गई है। पटना जिले के इस चर्चित इलाके में शक्ति प्रदर्शन और चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता व निर्धारित कानूनी नियमों के उल्लंघन का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मोकामा के कद्दावर नेता व पूर्व विधायक अनंत सिंह तथा जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है। प्रशासन की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और सियासी गलियारों में चर्चाओं का बाजार पूरी तरह से गर्म हो गया है।

बिना अनुमति भारी हुजूम और काफिले पर एक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोकामा क्षेत्र में जनसंपर्क और प्रचार-प्रसार को लेकर एक विशाल रोड शो का आयोजन किया गया था। इस रोड शो के दौरान सड़कों पर भारी भीड़ जुटी थी और गाड़ियों का एक बेहद लंबा काफिला निकाला गया था। प्रशासन का स्पष्ट आरोप है कि इस शक्ति प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित आदर्श आचार संहिता और स्थानीय प्रशासन द्वारा तय किए गए यातायात व शांति व्यवस्था के नियमों की खुलेआम अनदेखी की गई है। बिना समुचित अनुमति के भारी हुजूम जुटाने, तय मार्ग का उल्लंघन करने और आम जनजीवन को प्रभावित करने के आरोप में पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया और यह बड़ी कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक, रोड शो के दौरान हुई इस कथित नियम-अनदेखी को लेकर पुलिस ने कोई कोताही नहीं बरती है। इस पूरे घटनाक्रम में एक या दो नहीं, बल्कि कुल तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। अनुमंडल पुलिस अधिकारी के कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इनमें से दो प्राथमिकी बाढ़ थाने में दर्ज की गई हैं, जबकि एक मामला मोकामा थाने में दर्ज किया गया है। इन दर्ज मुकदमों में पूर्व विधायक अनंत सिंह और जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह को मुख्य आरोपी बनाते हुए नामजद किया गया है। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि चुनावी गतिविधियों के दौरान नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे सामने कोई भी रसूखदार नेता क्यों न हो। मामले की गंभीरता और नेताओं के रसूख को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारियों ने इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच के कड़े निर्देश दिए हैं। फिलहाल स्थानीय पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन विवेचना में जुटी हुई है। जांच दल द्वारा रोड शो के दौरान बनाए गए तमाम वीडियो फुटेज, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे क्लिप और चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से खंगाला जा रहा है। जांच अधिकारी यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि किन-किन विशिष्ट धाराओं और नियमों का उल्लंघन हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को न्यायालय में साबित करने के लिए ठोस और तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मोकामा क्षेत्र की राजनीति हमेशा से बाहुबल और वर्चस्व की लड़ाई के लिए जानी जाती रही है। ऐसे में अनंत सिंह जैसे दिग्गज नेता और प्रशांत किशोर की नई राजनीतिक मुहिम से जुड़े जन सुराज के प्रत्याशी अनुज सिंह पर एक साथ कानूनी कार्रवाई होने से चुनावी माहौल और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया है। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर तरह-तरह की कयासबाजी हो रही है, वहीं विरोधी खेमा इस मौके को भुनाने की पूरी कोशिश में जुट गया है।कानूनी जानकारों का मानना है कि प्राथमिकी दर्ज होने का अर्थ तत्काल अपराध साबित होना नहीं है, लेकिन इसने दोनों नेताओं की मुश्किलें जरूर बढ़ा दी हैं। अब पूरे क्षेत्र की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि जांच पूरी होने के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है। क्या इस मामले में किसी की गिरफ्तारी होगी या फिर पुलिस नोटिस भेजकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी? फिलहाल, गिरफ्तारी जैसी कोई पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इस पुलिसिया एक्शन ने मोकामा के चुनावी माहौल का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। आने वाले दिनों में यहां तीखी राजनीतिक बयानबाजी और घमासान देखने को मिलना तय है।

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